आयुर्वेदिक पद्धति से बढ़ाएं इम्यूनिटीकोरोना के संक्रमण से लड़ने में मिलेगी मदद- डॉ रामेश्वर शर्मा

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बैकुंठपुर- कोरिया 12 मई
राज्य में लोगों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है रोग प्रतिरोधक क्षमता ही कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए प्रभावी है क्योंकि जिस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उस पर वायरस जनित बीमारियों का संक्रमण बहुत तेजी से होता है रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण से बचने की संभावना बढ़ जाती है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ रामेश्वर शर्मा ने बताया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपायों की जानकारी देते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश प्राप्त हुआ है।
आगे उन्होने ने बताया कि स्वास्थ्य सचिव द्वारा सभी कलेक्टर को पत्र में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने जारी दिशा-निर्देश जारी में आयुर्वेदिक उपायों की जानकारी देते हुए दिन भर गर्म पानी पीने, रोज कम से कम 30 मिनट तक योगासन, प्राणायाम, ध्यान करने और भोजन में हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन जैसे मसालों का प्रयोग करने की अपील भी की गई है।

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ऐसे बढ़ा सकते हैं प्रतिरोधक क्षमता     
प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि के लिए 40 ग्राम तुलसी, 20 ग्राम काली मिर्च और 20 ग्राम दालचीनी को सुखाकर और पावडर बनाकर हवाबंद डिब्बे में रखकर प्रतिदिन तीन ग्राम पावडर को 150 मिलीलीटर पानी में उबालकर एक से दो बार सेवन करे।
पांच ग्राम त्रिकटु पावडर और तुलसी की तीन से पांच पत्तियों को एक लीटर पानी में इसके आधा होने तक उबालकर पीने से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो सकती है।
150 मिलीलीटर गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पावडर मिलाकर रोज एक-दो बार पीने से भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए आयुर्वेदिक पद्धतियां अपनाकर खुद को स्वस्थ रखकर कोरोना के लक्षण दिखने पर भी उससे आसानी से लड़ा जा सकता है। निश्चित तौर पर इन दिशा निर्देशों का पालन कर हर कोई आने वाले खतरे से बच सकता है।

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