गोदनामा गांव के बावजूद शौचालय तक से महरूम है गांव विकास से कोसो दूर है ग्राम पंचायत

रायगढ। एसईसीएल के ब्लास्टिंग से जहां ग्राम पंचायत कुडुमकेला के ग्रामीणों की घरों के दरो दीवारें कांप उठती है वही ग्रामीणों के घरों में दरारे पढ़ने से ग्राम वासियों ने कलेक्टर से ब्लास्टिंग रुकवाने और मुआवजा की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है. यही नहीं महिलाओं की माने तो गांव के कई घर ब्लास्टिंग के कंपन से धराशाई हो चुके हैं इसके कारण गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है महिलाओं ने इस मामले में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि एसईसीएल में जब जब ब्लास्टिंग होती है पूरे गांव में तनाव का माहौल व्याप्त हो जाता है जिससे कभी भी कोई अनहोनी होने की आशंका से ग्रामवासी डरे सहमे रहते हैं . इसे लेकर के कई बार एसईसीएल प्रबंधन को इसकी जानकारी देते हुए ब्लास्टिंग करने से पहले गांव में मुनादी करने की मांग की गई थी इसके बाद भी न तो एसईसीएल प्रबंधन ना तो गंभीर हुआ और ना ही कोयला खदान में ब्लास्टिंग करने से पहले आस-पास के गांव में मुनादी कराई जाती है इसके कारण भी लोग बाग सहमे रहते हैं. कई बार तो ऐसा होता है कि लोग अचानक ब्लास्टिंग से डर कर गिर पड़ते हैं .इसके बाद भी ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव इस मामले की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को नहीं देते इसलिए मजबूरन ग्राम वासियों को कलेक्टर से एसईसीएल की कोल खदानों में होने वाले ब्लास्टिंग रुकवाने के लिए गुहार लगानी पड़ रही है ग्रामीणों ने जापान में यह भी बताया कि एक भी पीएम आवास नहीं बना है जहां ग्राम वासियों को इसका लाभ मिल सके पूरे गांव में कच्चे मिट्टी के मकान और खप्परों की छतें है जो ब्लास्टिंग से टूट टूट कर गिरते रहती है.