स्वक्षताकर्मीयों को बाहर का रास्ता
न दिया सर्टीफि केट न लगाया कोविड 19 का टीका
ज्वाइन करने से पहले दिखाया था भविष्य के बड़े बड़े सपने

रायगढ़.कोविड काल में जिन स्वक्षताकर्मीयों ने कोरोना के मरीजो की दिन रात सेवा कर उनहे बिमारी से निजात दिलाया उन स्वक्षताकर्मीयों को मतलब निकल जाने के बाद मेडिकल कॉलेज के अस्पताल प्रबंधन ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है. इस मामले में स्वक्षताकर्मीयों की माने तो उन्होनें कोविड अस्पातल में ज्वाइन करने से पूर्व भविष्य के बड़े बडे सपने दिखाये गये थे पंरतु उन्हे आज कोविड का टीका तक नसीब नही हुआ. यही नही उन्होने यह तक बताया कि अब तक कोविड काल का सटिर्फिकेट तक नही दिये गये है और सेवा मुक्त कर दिया गया है. इससेकोरोना के मरीजो की देखभाल करने वाले स्वक्षताकर्मीयों ने कलेक्टर से इंसानिय की गुहार लगाई है और नौकरी से नही निकले जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है. गौरतलब है कि कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में ड़ाल कर कोविड के मरीजो की देखभाल करने उनहे खाना खिलाने वाले दैनिक वेतन भोगी स्वक्षताकर्मीयों को आज मतलब निकल जाने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन कहे या स्वास्थ विभागने बाहर का रास्ता दिखा दिया है जबकि जरूरत के समय इनहे कोरोना फाइटर का अमलीजामा पहना कर पुलिस प्रशासन से लेकर राज्य शासन और शासकीय नुमांइदो ने सच्ची मानवता की सेवा करार देते हुए उस समय पलको पर बिठा कर रखा था. आज जब कोरोना का खौफ थोड़ा कम क्या हुआ अस्पातल प्रबंधन ने उन्हे नौकरी से बर्खास्त करते हुए बाहर का रास्ता दिया दिया है. जिसे लेकर कोरोना के स्वास्थकर्मीयों ने कलेक्ट्रड़ परिसर में धरना देते हुए कलेक्टर से इंसाफ की गुहार लगाई है और नौकरी पर पुन:बहाल करने की मांग की है.