घरघोड़ा स्वास्थ्य विभाग डॉक्टर के निजी क्लीनिक में शासकीय महिला कर्मचारी की हुई ईलाज से मौत

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रायगढ़। जिले के विकासखण्ड घरघोड़ा अंतर्गत कुडुमकेला में प्रधान पाठिका के पद पर पदस्थ एक महिला डाक्टर के निजी क्लीनिक में संदिग्ध मौत के बाद चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। बताया जा रहा है कि महिला की मृत्यु के बाद परिजनों ने उसका पीएम भी कराना चाहा मगर उन्हें किसी तरह समझा-बुझाकर रवाना कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कुडुमकेला प्रधान पाठीका कुरदुला खलखो शिक्षा विभाग में कुडुमकेला में पदस्थ थी,मंगलवार 26 मई को अचानक पेट में गैस की एवं सीने में दर्द की शिकायत हुई तो इलाज के लिए ए के मिंज डॉक्टर के यहां ले जाया गया जिसमें मिंज डॉक्टर ने खलखो मैडम को बीपी चेक कर कई इंजेक्शन लगा दिए जबकि मरीज मैडम बीपी की और शुगर की पेशेंट थी उसका पहले ईसीजी चेक करा कर इलाज प्रारंभ करना था परंतु नहीं किया गया और साथ ही नींद की टेबलेट दे देने को कहा उसके बाद मैडम खलखो को घर ले आए दूसरे दिन भी आराम नहीं लगने के एक दिन बाद गुरुवार को तकलीफ बढ़ गई जिसे फिर से एके मींज निजी क्लीनिक में दिखाया जिस पर डॉक्टर मींज ने खलखो मैडम को अपने क्लीनिक में एडमिट कर ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई तथा उसी में इंजेक्शन भी डाल दिया उस वक्त खलखो मैडम ने मना भी किया कि मुझे ठीक लग रहा है यह सब की जरूरत नहीं है फिर भी डॉक्टर मींज ने इलाज किया जैसे ही दो प्रकार के इंजेक्शन ग्लूकोज की बोतल में डाला उसके 10 मिनट बाद खलखो मैडम को बेचैनी बढ़ गई तथा सांस लेने में तकलीफ हुई और छटपटाने लगी उसके बाद खलखो मैडम के मुंह से झाग निकले और कुछ देर बाद ही उनकी मृत्यु हो गई जबकि एक एमबीबीएस डॉक्टर का कर्तव्य है कि शासकीय हॉस्पिटल में मरीज को रिफर करना चाहिए था ऐसे में परिवार के लोगों ने पीएम कराना भी चाहा तो उसे मना किया गया जबकि यह मामला गलत तरीके से इलाज करने के कारण हुई मृत्यु का था जो कि पुलिस प्रकरण की श्रेणी में आता है। हमारे संवाददाता ने इस संबंध में जब मामले की सााई से अवगत होनें के लिए जिले के मुय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री केशरी से संपर्क करना चाहा, लेकिन उनसे संपर्क नही हो सका। बहरहाल घरघोड़ा क्षेत्र सहित रायगढ़ के सोशल मीडिया में यह खबर जोरों से वायरल हो रही है।

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