जिले में मनरेगा के तहत अब तक 15 लाख 67 हजार से अधिक मानव दिवस रोजगार के अवसर सृजित…. मनरेगा के माध्यम से 44 करोड़ 22 लाख से अधिक राशि का मजदूरों को किया गया भुगतान

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मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण मजदूरों के आर्थिक स्थिति में हो रहा बदलाव….. मनरेगा कार्य प्रारंभ होने से ग्रामीणों के मुरझाये चेहरे में आई खुशी की लहर कार्यस्थल पर मास्क उपयोग एवं सोशल डिस्टेंस के नियम का किया जा रहा है पालन

जशपुरनगर 04 जून 2020/कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री महादेव कावरे के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जशपुर श्री के. एस. मण्डावी के निर्देशन में नोवल कोराना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए जिले में प्रभावषील लाॅकडाउन की स्थिति में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत पूरे जिले में व्यापक स्तर पर कार्य प्रारंभ किए गए हैं। मनरेगा के तहत ग्रामीण मजदूरों एवं प्रवासी श्रमिकों को उनके निवास स्थल के निकट ही विभिन्न प्रकार के आजीविका संवर्धन एवं हितग्राही मूलक निर्माण कार्यो के माध्यम से रोजगार का सृजन किया गया है। कोरोना महामारी के कारण लॉक डाउन की स्थिति में ग्रामीण मजदूर परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनोती थी। मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण मजदूरों को उनके निवास स्थल के करीब ही रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिले में मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के कार्यो को प्राथमिकता से लिया गया है। जिसके अंतर्गत सार्वजनिक एवं निजी भूमि पर किये जाने वाले डबरी निर्माण, नवीन तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, कुंआ निर्माण, नाला सफाई, नाला बंधान कार्य के अतिरिक्त भूमि सुधार, भूमि समतलीकरण, सेड निर्माण, सीपीटी निर्माण, प्रधानमंत्री आवास निर्माण इत्यादि कार्य किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले के 444 ग्र्राम पंचायतों मे कुल 3133 स्वीकृत कार्यो में मानव दिवस के रूप में 15 लाख 67 हजार 45 ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है एवं कुल 44 करोड़ 22 लाख 10 हजार की राषि मजदूरी भुगतान के रूप में प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत विकासखंड जषपुर में कुल स्वीकृत 387 कार्योे के माध्यम से कुल 1 लाख 41 हजार 21 ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसी प्रकार विकासखंड मनोरा में 163 स्वीकृत कार्यों से 1 लाख 90 हजार 934, दुलदुला में स्वीकृत 510 कार्यो से 2 लाख 2 हजार 568, कुनकुरी में स्वीकृत 387 कार्यो से 1 लाख 55 हजार 483, फरसाबहार में स्वीकृत 567 कार्यो से 1 लाख 63 हजार 307, पत्थलगांव में स्वीकृत 477 कार्यो से 2 लाख 5 हजार 511, कांसाबेल में स्वीकृत 278 कार्यो से 1 लाख 32 हजार 667 एवं विकासखंड बगीचा में स्वीकृत 364 कार्यो से कुल 3 लाख 75 हजार 555 मजदूरों को रोजगार प्रदान किया गया है। जल संवर्धन तथा गिरते भू-जल स्तर को बचाने के लिए जिले में 454 डबरी निर्माण, 403 कुंआ निर्माण 48 नवीन तालाब निर्माण, 84 तालाब गहरीकरण का काम चल रहा है। इसके अतिरिक्त 595 भूमि समतलीकरण, 17 ग्राम पंचायत भवन निर्माण, इत्यादि कार्य किये जा रहे हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए मनरेगा कार्य स्थल पर श्रमिकों द्वारा सार्वजिक दूरी का पालन कराने के साथ ही सेनिटाइजर व फेस मास्क का उपयोग करने के निर्देष दिए गए है। समस्त स्थान जहां मनरेगा का कार्य चल रहा है, वहां मजदूरों के हाथ साफ करने के लिए साबुन और पानी की व्यवस्था की गई है। सभी मजदूरों द्वारा मास्क उपयोग करने के साथ ही एक दूसरे से एक मीटर से अधिक दूरी बनाकर कर कार्य किया जा रहा है।
सीएमओ जिला पंचायत जषपुर द्वारा जिले में संचालित मनरेगा के कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग किया जा रहा है। श्री मण्डावी द्वारा जिले के सभी विकासखंड सीईओ को मनरेगा में कार्यरत मजदूरों का मजदूरी भुगतान समय पर किये जाने के निर्देष दिए है। जिले के कुछ विकासखंडो में स्वसहायता समूह की बीसी सखियों के द्वारा कार्यस्थल पर एवं बीसी सेंटरों में मजदूरी भुगतान किया जा रहा है। जिससे आम लोगों को राहत व सुविधा मिल रहा है। उन्हें मजदूरी भुगतान के लिए बार-बार बैंको के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है।
लॉकडाउन के दौरान रोजगार के बंद हो जाने से मजदूरों के चेहरे में निराशा छाई हुई थी जो मनरेगा के कार्य प्रारंभ होने से खिल गए है। अब उन्हें अपने जीवन निर्वाह के लिए आर्थिक संकट के दौर से नहीं गुजरना होगा। मनरेगा के कार्य प्रारंभ होने से मजदूरों ने राहत की सांस ली है। उन्हें रोजगार के पर्याप्त अवसर मिले है। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है। उनकी जिंदगी वापस सामान्य स्थिति में लौट रही है। मनरेगा का कार्य ग्रामीणों के लिए इस विषम परिस्थिति में आजीविका का काम कर रही है।

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