नगर में अवैध प्लाटिंग का गोरखधंधा जोरों पर, संबंधित विभाग मौन नहीं हो रही है कोई कार्रवाई

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सक्ती। ऑफिसर कॉलोनी वार्ड 14 के अंदर, ग्राम सिपाहीमुडा से लगी भूमि में अवैध प्लाटिंग करने वाले भू माफिया के लिए करीब डेढ़ सौ मीटर की सड़क और 50 सीमेंट के खंभों व ट्रांसफार्मर से बिजली लाइन बिछा दी गई है जबकि उक्त जमीन पर पहुंच मार्ग भी नहीं है और वहां पर रहने वालों की संख्या व पर्याप्त घर  भी नहीं है। भू माफियों की भूमियों तक पहुंचने से पूर्व निजी व्यक्तियों की करीब 2 सौ मीटर तक निजी भूमि हैं, उन्होंने अपनी भूमि पर बकायदा बोर्ड गाड़ कर सूचना भी लगाई है की यह जमीन निजी है और पहुंच मार्ग नहीं है खरीदने वाले सावधान रहें।

क्या कहते हैं  बिजली विभाग और नगर पालिका के अधिकारी- 
इस संबंध में बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री यूके ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने जानकारी दी कि वहां पर कोई घर नहीं है विभाग द्वारा कोई भी ट्रांसफार्मर या बिजली के खंभे गाड़ी जाने का आदेश नहीं दिया गया है किसी भारद्वाज ठेकेदार द्वारा हमारे किसी आदेश या निर्देश के बिना बिजली के खंभे लगाए गए हैं जिन्हें हटाए जाने का आदेश किया जा रहा है बिजली के पोल देखने से किसी अवैध प्लाटिंग करने वाले व्यक्ति के लिए उसके निर्देश पर लगाए गए प्रतीत होते हैं। इसी प्रकार नगर पालिका के द्वारा पहुंच मार्ग के बिना भी करीब डेढ़ सौ मीटर के सड़क बना दी गई है।


सौ से दो सौ एकड़ भूमि पर हो रही है प्लाटिंग – 


ऑफिसर कॉलोनी और ग्राम सिपाही मुड़ा की करीब 200 एकड़ भूमि पर माफियाओं द्वारा अवैध प्लाटिंग की जा रही है जिसके लिए उन्होंने कच्ची मिट्टी की सड़कें तैयार की है तथा छोटे-छोटे सीमेंट के पोल लगाकर क्रेताओं को लुभाया जा रहा है, जिसके लिए नगर पालिका से सड़क एवं बिजली विभाग से विद्युत के पोल लगाकर उन्हें भरमाया जा रहा है।

नहीं थम रहा है अवैध प्लाटिंग का खेल- 
 सोठी नंदेली इत्यादि ग्रामों में अवैध प्लाटिंग का कार्य जोर शोर से चल रहा है जिसके लिए जमीन माफिया नगर से लगे ग्राम की भूमि को अपना नया अड्डा बना रहे हैं क्योंकि उक्त ग्रामों में रजिस्ट्री शुल्क कम लगता है जिससे स्थानीय प्रशासन को भी नुकसान होता है। शहर के करीब 20 22 स्थलों पर अवेध प्लाटिंग जोरों से हो रही हैं, पूर्व में अनुविभागिया अधिकारी सक्ती द्वारा कुछ प्रकरण दर्ज किये जाने के अदेश दिये गये थे, लेकिन नगरपालिका प्रशासन ने आज तक एक भी प्रकरण कोलोनाईजर एक्ट के अंतर्गत दर्ज नहीं किया हैं। जिस कारण से जमीन माफिया बेरोक-टोक प्लाटिंग कर रहे हैं। और करोड़ रूपए कमा रहे हैं।
अवैध प्लाटिंग के खेल में शामिल है कुछ जनप्रतिनिधि व पटवारी-
अवैध प्लाटिंग के इस खेल में माफिया के साथ कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं पटवारी भी शामिल है जिस कारण से ही पहुंच मार्ग के बिना भी डेढ़ सौ मीटर की सीमेंट सड़क बनाई गई है तथा बिजली विभाग के ठेकेदार से मिलकर बिजली के पोल गाड़ी गए हैं पटवारियों के द्वारा उक्त जमीनों को देखकर बिक्री के कागजात बनाएं जा रहे हैं। पटवारी के इन्हीं कागजातों के आधार पर रजिस्ट्री कराई जाती हैं। उन्हीं के द्वारा नामान्तरण किया जाता हैं । अवेध प्लाटिंग की पुरी जानकारी हल्का पटवारीयों को होती हैं। जिसके लिऐ वे मोटी कमाई करते हैं।
जरूरत है ठोस कार्यवाही की-
अनेक स्थलों पर अवैध प्लाटिंग के लिए नगर पालिका सीमा में सीएमओ केा कोलोनाईजर एक्ट के अतंर्गत तथा ग्रामों में अनुविभागिय अधिकारी राजस्व  द्वारा प्रकरण बनाकर कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता है लेकिन आज तक एक कार्यवाही वं प्रकरण तैयार किए ही नहीं किये गए। जब की तत्काल २०प्रकरण दर्ज किए जाने की आवश्यकता है।प्रकरण दर्ज नहीं होने से जमीन माफिया अवैध कार्य कर रहे हैं ।

अवैध प्लाटिंग करने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। अवैध प्लाट काटने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। शहरी क्षेत्र में 5 प्रकरण तथा ग्रामीण क्षेत्र में भी प्रकरण दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गए है। 
डॉ सुभाष सिंह राजअनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सक्ती

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