भाजयुमो नेता की गिरफ्तारी के विरोध में कोतवाली में प्रदर्शन

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भाजपा जिलाध्यक्ष सहित पार्टी नेता थाने में बैठे
सीएम का पुतला बिना अनुमति फूंकने के मामले में हुई थी गिरतारी

रायगढ़। बिना अनुमति छत्तीसगढ़ के मुयमंत्री भूपेश भघेल का पुतला दहन करने के मामले में युवा मोर्चा का नेतृत्व कर रहे युवा नेता सूरज शर्मा को आज थाना कोतवाली में गिरतार कर लिया गया। भाजयुमो के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने प्रदेश के भूपेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सूबे के मुखिया का पुतला दहन भी किया। कोतवाली द्वारा गिरतारी के विरोध में रायगढ़ भाजपा जिलाध्यक्ष उमेश अग्रवाल, जिला मंत्री आशीष ताम्रकार,आलोक सिंह सहित कई भाजपा नेता थाने पहुंचे और भाजयुमो जिलाध्यक्ष की गिरतारी के विरोध में कोतवाली के सामने धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने सोशल डिस्टेसिंग का भी पालन किया।

विदित रहे कि धमतरी के युवक हरदेव द्वारा बेरोजगारी से तंग आकर मुयमंत्री निवास के सामने आत्मदाह के विरोध में आज जिला मुयालय रायगढ़ के सुभाष चौक में भाजयुमो नेता सूरज शर्मा के नेतृत्व में मुयमंत्री भूपेश बघेल का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन के दौरान पुलिस और भाजयुमो के कार्यकर्ताओँ द्वारा पुतले के छीना -झपटी के बीच पुतला दहन करने में भाजयुमो पदाधिकारी व कार्यकर्ता सफल रहे। जिसके बाद पुलिस ने बिना अनुमती सीएम का पुतला फुकने के मामले में भाजयुमो नेता सूरज शर्मा सहित भाजयुमो नेता आकाश शर्मा तथा दो अन्य को गिरतार कर लिया। श्री शर्मा की गिरतारी की सूचना मिलने पर जिले के भाजपाई पदाधिकारी अपने जिलाध्यक्ष उमेश अग्रवाल के नेतृत्व में कोतवाली थाने पहुंचे और भाजयुमो नेता की गिरतारी का विरोध करते हुए कोतवाली के सामने धरने पर बैठ गए। धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि एक दिन पहले ही संभाग के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के द्वारा थाने में आरोपियों से तथा खासकर राजनैतिक मामलों की गिरतारी में मानवीय व्यवहार करने के आदेश के बावजूद भाजयुमो नेता को अधोवस्त्र में लॉकअप में बिठाना किसी भी दृष्टि से सही नही है और जिला भाजपा सहित भाजपा के सभी अनुसांगिक संगठन पुलिस के इस कृत्य का मुखर विरोध करते हैं। उन्होंने कोतवाली थाना प्रभारी के दमनकारी नीति की भी आलोचना की और प्रदेश सरकार के मुखिया को आडे हाथ लिया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने सोशल डिस्टेसिंग के तहत एक दूसरे के बीच दूरी बनाए रखी। मगर अपना विरोध भी जताते रहे। बाद में चार लोगों में से दो भाजयुमो नेताओं के ऊपर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां एसडीएम कोर्ट से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है।

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