शिल्पियों के बच्चों को उच्च तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर: मंत्री गुरु रूद्रकुमार
आशीष तिवारी की कलम से

रायपुर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा अनुरूप ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में पंजीकृत शिल्पकारों के बच्चों को उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मुहैया कराया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य के शिल्पकारों के बच्चों को डिजाइन एवं विकास शिक्षा योजनांतर्गत भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर में निःशुल्क प्रवेश मिलेगा। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के महाप्रबंधक (विकास) श्री शंकर लाल धुर्वे ने बताया कि राज्य में हस्तशिल्प विकास बोर्ड राज्य शासन के सहयोग से शिल्पकारों के 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण बच्चों को शिल्प डिजाइनिंग के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए 4 वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम (बैचलर आफ डिजाइन) भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर भेजा जा रहा है, जिसमें नवीनतम तकनीकी डिजाइन में वे दक्ष होकर स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय शिल्प संस्थान जयपुर में चयन हेतु प्रवेश परीक्षा हेतु आवेदन पत्र का विस्तृत विवरण राज्य के सभी जिला कार्यालय हस्तशिल्प विकास बोर्ड से निःशुल्क प्राप्त किया जा सकता है और आवेदन को पूर्ण रूप से भरकर सभी जिला कार्यालय में 26 जून 2020 एवं हस्तशिल्प विकास बोर्ड के मुख्यालय में 27 जून 2020 तक जमा किया जा सकता है। हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार लिखित परीक्षा, मटेरियल टेस्ट एवं साक्षात्कार में कुल प्राप्तांक के आधार पर मेरिट सूची जारी की जाएगी। शिल्पी बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर चयन समिति के द्वारा किया जाएगा और चयनित बच्चों को शिक्षण के दौरान प्रत्येक छात्र प्रतिवर्ष 2 लाख रुपए की राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी।