आशीष तिवारी आप की आवाज रायपुर

रायपुर। राजधानी के मेकाहारा अस्पताल के स्टाफ और जेलप्रहरी के बीच विवाद में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने अस्पताल स्टाफ का समर्थन किया है। उन्होंने मंगलवार को ट्वीट कर कहा है “जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर में झड़प की वीडियो चौंकाने वाली और काफी आपत्तिजनक है। हिंसा में शामिल जेल प्रहरी पर कार्यवाही के आदेश दे दिए गए हैं और साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के भी आदेश पारित किए गए हैं।

मंत्री सिंहदेव ने आगे कहा है कि हमारे स्वाथ्य केंद्रों और अधिकारियों ने पूरी तत्परता से, खास कर कोरोना काल में प्रदेशवासियों की सेवा की है। इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया जाएगा। हमारे स्वास्थ्य कर्मियों के साथ कोई भी दुर्व्यवहार या हिंसा की वारदात को बर्दाश्त नही किया जा सकता है।

इधर, इस पूरे मामले में मंगलवार को अंबेडकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टर्स आज हड़ताल पर है। काम बंद कर सभी जूनियर डॉक्टर डीन कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। जूडो संघ का आरोप है कि डीन ने बैठक में कार्रवाई का आश्वसन दिया था। इसके बाद भी मांगों की अनदेखी की गई। इसके अलावा अज्ञात नाम से एफआईआर दर्ज कर दी गई।

हड़ताल में बैठे जूडो संघ के अध्यक्ष डॉ इन्द्रेश यादव ने कहा कि जब तक हाथ उठाने वाले और उसके साथ ही तीनों पुलिसवालों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगा। आज ओपीडी बंद कर हड़ताल कर रहे हैं कार्रवाई नहीं हुई तो कल से तमाम सेवा बंद कर देंगे।

इन्द्रेश यादव ने एफआईआर पर भी एतराज़ जताते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि इसमें एफ़आइआर इंस्टीट्यूशनल हो न कि व्यक्तिगत। इस पर कल बात हुई थी। इंस्टीट्यूशनल एफ़आइआर कराए है लेकिन व्यक्तिगत एफ़आइआर दर्ज हुआ है। साथ ही डॉक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था पुख़्ता किया जाए।

क्या है मामला ?

ASP लखन पटले  के मुताबिक जेल प्रहरी शत्रुघ्न उरांव जेल बंदी के इलाज के लिए रविवार से आया हुआ था। उसका कहना है इलाज करने में अस्पताल के स्टाफ लेटलतीफी कर रहे थे और उसके इलाज जल्दी करने के लिए कहने पर तकनीशियन ने उससे बत्तमीजी की, जिसके बाद वह अपना आपा खो बैठा।

इस पूरे मामले का वीडियो हाथ लगा है, जिसमें जेल प्रहरी गुस्से से आग बबूला होता हुआ दिखाई दे रहा हैं। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि वीडियो बना रहे अस्पताल के स्टाफ को भी सिपाही ने एक झापड़ रसीद कर दिया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरूद्ध थाना मौदहापारा में धारा 186, 294, 353, 506 भादवि. एवं चिकित्सा सेवा हिंसा अधिनियम की धारा 3 के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है।

आरोपी जेल प्रहरी शत्रुहन उरांव का मेड़िकल मुलाहिजा कराने पर उसके द्वारा शराब सेवन करना भी पाया गया। जिस पर आरोपी के विरूद्ध प्रकरण में अन्य धारायें जोड़ी जाकर अग्रिम कार्यवाही की जा रहीं है। घटना के दौरान मेकाहारा पुलिस सहायता केन्द्र में पदस्थ दो पुलिस कर्मचारी मूक दर्शक बनकर पूरी घटना को देख रहे थे उनके द्वारा किसी प्रकार का बीच- बचाव नहीं किया गया, इस संबंध में दोनों पुलिस कर्मचारियों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।