रायगढ़.नरवा घुरवा गरवा बाड़ी योजना के तहत जहां गांव गांव में गोठान बना कर वर्मी कम्पोस्ट खाद को लेकर राज्य शासन सहित जिला प्रशासन भारी प्रचार प्रसार कर रही है तो वही गोठानो में दिन रात काम करके वर्मी कमपोस्ट खाद बनाने वाले महिला समुह को आज 6 महिने बाद भी वेतन नही दिया गया है. इस मामले में गोठानो में काम करने वाली महिलाओं का आरोप है कि शासन ने वर्मीकम्पोस्ट बिक्री में साढ़े 3 प्रतिशत गोठान में देने और साढ़े 6 प्रतिशत महिला समुह को देने की बात तय हुई थी परंतु हालात यह है कि साढ़े 6 प्रतिशत गोठान और साढ़े 3 प्रतिशत महिला समुहो को दी जा रही है जो र्निधारित नियम से बहुत कम है. ऐसे में शासन प्रशासन पर के अधिकारियों पर महिलाओं ने मुकर जाने का आरोप लगाया है. इस मामले को लेकर गोठानो के महिला समुहो ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंप कर इंसाफ की गुहार लगाई है. महिलाओं ने यह •ाी आरोप लगाया है कि वर्मी कम्पोस्ट खाद की बिक्री को लेकर गोठानो में मनमानी का आलम है वहां निर्धारित दाम से अधिक प्रति किलो 10 रूपये के हिसाब से वर्मी कम्पोस्ट खाद बेचा जा रहा है इसकी शासन प्रशासन को जानकारी ही नही दी जा रही है. जबकि वर्मी कम्पोस्ट खाद की बिक्री का दर शासन ने निर्धारित कर दिया है. उन्होनें बताया कि गोबर खरीदी से लेकर वर्मी कम्पोस्ट खाद के निर्माण तक महिलाये दिन रात काम कर रही है परंतु 6 महिने बीत जाने के बाद •ाी उन्हे तनख्वाह नही दिया गया.

आधा दर्जन गोठानो में चल रही मनमानी
महिलाओं की माने तो यह स्थिती सिर्फ एक गोठानो में नही है जिला मुख्यालय के आधा दर्जन से अधिक गोठान बनोरा, लोइंग,लामीदरहा, ड़ोगी तराई, पण्ड़रीपानी, सहित सपनई के गोठानो में •ाी है जहां के महिला समुह ने जिला प्रशासन के नुमाइंदो पर मुकर जाने का आरोप लगाया है और मामले में कार्रवाही की मांग की है तथा निर्धारित दर की मांग की है.