रायगढ़ सांसद श्रीमती गोमती साय जी से बिलासपुर डिविजन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन यूनिट रायगढ़ का शिष्ठ मंडल भेंट कर केन्द्र सरकार द्वारा बीमा उद्योग में 74%एफ डी आई एवम शेयर बाजार में आई पीओ जारी करने के निर्णय पर शिष्ठ वार्ता कर ज्ञापन सौंपा गया। शिष्ट मंडल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अंतराष्ट्रीय दबाव में यह जनविरोधी निर्णय लेने के लिए बाध्य हो रही है जो जन हित में नहीं है। एफडीआई 49% से 74% बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है।क्योंकि वर्ष 2019 -20 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार जीवन बीमा में लगभग 35% तथा सामान्य बीमा में लगभग 23% तक विदेशी पूंजी निवेश हुआ है अर्थात वे 49% एफ डी आई के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो फिर 74%एफ डी आई बढ़ाने के प्रस्ताव का क्या मतलब है? दूसरी तरफ शेयर बाजार में आई पी ओ लाने का संकल्प पारित किया गया है जबकि जीवन बीमा निगम देश की ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की सबसे विश्वसनीय और सबसे बड़ी प्रतिष्ठित वित्तीय राष्ट्रीय सार्वजनिक उपक्रम है। जो सरकार को पंचवर्षीय योजनाओं एवम समाजिक विकास के लिए करोड़ों रुपए उपलब्ध कराती है। अतः शेयर मार्केट मे आई पी ओ जारी करने का कोइ अर्थ सार्थक प्रतीत नहीं होता है।
इससे देश की आवाम की बचत विदेशी हाथो में जाने का खतरा बढ़ जाएगा।छोटे मध्यम परिवार के बचत की सुरक्षा की गारंटी खतरे में पड़ जाएगी तथा देश की अर्थ व्यवस्था कमजोर होगी। यही कारण है कि बड़े बड़े अर्थशास्त्री व समाजशास्त्रियों ने इसे राष्ट्र हित के खिलाफ बतलाते हुए इस पर पुनर्विचार कर वापस लिए जाने की मांग की है।

शिष्ठ मंडल ने रायगढ़ सांसद महोदया को ज्ञापन सौंपते हुए अनुरोध किया है कि वे इस पर पुनर्विचार करने हेतु केन्द्र सरकार से निवेदन जरूर करें।

शिष्ठ मंडल में सेन्ट्रल जोन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन (cziea) के कार्यकारिणी सदस्य तथा बिलासपुर डिविजन इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन (bdiea) रायगढ़ यूनिट के सचिव मंडल के सदस्य गणेश कछवाहा , अध्यक्ष अगस्तूस एक्का, सचिव प्रवीण तांबोली,कोषाध्यक्ष सुनील मेघमाला सहकोषाध्यक्ष ममता कुशवाहा एवम प्रेरणा श्रीवास्तव शामिल थे।
सांसद श्रीमती गोमती साय के साथ भाजपा रायगढ़ के प्रकोष्ठ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।