नहीं रहे छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी, सीएम बघेल ने अजीत जोगी के निधन को बताया अपूरणीय क्षति, तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन हो गया। दिल का दौरा पड़ने के बाद जोगी लंबे समय से कोमा में थे। उन्हें वेंटिलेटर से ऑक्सीजन दिया जा रहा था। वहीं आज फिर से कार्डियक अरेस्ट हुआ। इस दौरान डॉक्टरों की टीम जोगी की स्थिति कंट्रोल करने की कोशिश की। लेकिन अजीत जोगी की हालत में सुधार नहीं हुआ और दुनिया को अलविदा कह दिया।

9 मई से अस्पताल में थे भर्ती
गौरतलब है कि मई 9 को सुबह नाश्ता के दौरान अजीत जोगी की तबीयत बिगड़ गई थी। दिल का दौरा पड़ने के बाद तुरंत रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अमित जोगी ने ट्वीट कर कहा ​कि पापा की तबियत बहुत गम्भीर है। ढाई करोड़ छत्तीसगढ़वासियों की प्रार्थनाओं और ईश्वर की इच्छा पर ही अब सब कुछ निर्भर है।

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सीएम बघेल ने अजीत जोगी के निधन को बताया अपूरणीय क्षति, तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। जोगी का आज यहां एक निजी चिकित्सालय में इलाज के दौरान निधन हो गया।

मुख्यमंत्री बघेल ने जोगी के निधन पर राज्य में आज से तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और इस दौरान कोई भी शासकीय समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे। स्वर्गीय जोगी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ कल 30 मई को गौरेला में होगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने अपने शोक संदेश में कहा है कि जोगी का निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने प्रदेश के विकास में जोगी के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि राज्य बनने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के तीव्र विकास की रूपरेखा तैयार की और एक कुशल राजनीतिज्ञ एवं प्रशासक के रूप में राज्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद जोगी के नेतृत्व में बनी सरकार में केबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि जोगी ने छत्तीसगढ़ राज्य में गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए काम करने की दिशा निर्धारित की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वर्गीय जोगी के परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। ज्ञातव्य है कि जोगी बीते 9 मई से उपचार हेतु चिकित्सालय में भर्ती थे। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राध्यापक के रूप कैरियर की शुरूआत की।

पहले आई.पी.एस. के रूप में अपनी सेवाएं दी तत्पश्चात भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित हुए। अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान रायपुर सहित कई जिलों के कलेक्टर रहे। जोगी सांसद, विधायक भी रहे। एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बना तो वे राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बने।

जानिये छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बारे में –

बिलासपुर में साधारण परिवार में जन्मे छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का आज निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। राज्यपाल अनुसुईया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित प्रदेश के तमाम मंत्री और राजनेताओं ने निधन पर शोक जताया है। आइए उनके पूरे करियर पर एक नजर डालते हैं।

नौकरशाही से अचानक मारी राजनीति में एंट्री
अजीत जोगी मैकेनिकल इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडलिस्ट थे और उसके बाद वे आईपीएस बने। दो साल बाद ही उन्हें आईएएस बनने का मौका मिला और फिर लंबे वक्त तक कलेक्टर जैसे दबदबे वाले पद पर रहने का मौका मिला। उन्होंने जिस तरह से कलेक्टर रहते हुए राजनीति में एंट्री मारी थी वैसे उदाहरण शायद ही ढूंढ़ने से मिल कहीं पाएंगे।

बात 1985 की है। अजीत जोगी इंदौर के कलेक्टर थे और राजीव गांधी को इंदिरा गांधी की मौत के बाद हुए चुनाव में भारी वोट देकर मतदाताओं ने चुनकर प्रधानमंत्री बनाया था। एक रात अचानक दिल्ली के प्रधानमंत्री निवास से इंदौर के कलेक्टर को फोन गया और कलेक्टर जोगी कांग्रेसी जोगी बन बैठे। पार्टी ने पहले उन्हें पार्टी के एसटी-एससी कमिटी का सदस्य बनाया फिर कलेक्टर के पद के बदले राज्यसभा की सदस्यता दिला दी।

ऐसा था उनका राजनीतिक सफर

  • अजीत जोगी 1986 से 1998 के बीच दो बार कांग्रेस से राज्‍य सभा के सांसद चुने गए।

  • 1998 में वे रायगढ़ से सांसद चुने गए।

  • 1998 से 2000 के बीच वे कांग्रेस के प्रवक्‍ता भी रहे।

  • 2000 से 2003 के बीच छत्तीसगढ़ राज्‍य के पहले मुख्‍यमंत्री रहे।

  • 2004 से 2008 के बीच वे 14वीं लोकसभा के सांसद रहे।

  • 2008 में वे मरवाही विधानसभा सीट से चुन कर विधानसभा पहुंचे। 2009 के लोकसभा चुनावों में चुने जाने के बाद जोगी ने लोकसभा सदस्य छत्तीसगढ़ के महासामुंद निर्वाचन क्षेत्र के रूप में काम किया।

  • जोगी 2014 में हुये लोकसभा चुनावों में अपनी सीट बरकरार रखने में असफल रहे और बीजेपी के चंदू लाल साहू से 133 मतों से हार गए।

  • 2018 विधानसभा चुनाव में अजीत जोगी अपने पारंपरागत मरवाही सीट से चुनाव लड़े और उन्होंने जीत भी दर्ज की।

 

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