कोलकाता: सीबीआई ने कोयला माफिया मामले की जांच के तहत पश्चिम बंगाल में 25 स्‍थानों सहित तीन राज्यों के लगभग 40 परिसरों पर छापे मारे। सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में अनूप मांझी अवैध रूप से संचालित ऑपरेशन का किंगपिन है।

आसनसोल में रहने वाले अनूप मांझी के घर और कार्यालय में छापेमारी की गई और उनके सहयोगियों के यहां पर भी खोज की जा रहा है। अन्य दो राज्य झारखंड और बिहार हैं, वहां भी जल्द ही छापेमारी शुरू हो सकती है।

पश्चिम बंगाल के आसनसोल और अन्य स्थानों के अलावा, बर्दवान जिले के दुर्गापुर, रानीगंज और दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर में तलाशी जारी है। एजेंसी ने ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के कुनुस्तोरिया और कजोरिया कोयला क्षेत्रों से अवैध खनन और कोयले की चोरी के लिए मामला दर्ज किया है।

मांझी को लाला के नाम से भी जाना जाता है, जो कथित रूप से बंगाल-झारखंड सीमा पर कोयला खदान चलाते हैं। आयकर विभाग उसकी जांच कर रहा था और इस महीने के शुरू में उस पर ध्यान दिया था, लगभग उसी समय जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिन की कोलकाता यात्रा पर थे। एक प्रेस बैठक में एक सवाल के जवाब में शाह ने पूछा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘लाला’ के खिलाफ छापे से चिंतित क्यों है?”

इससे पहले, ममता बनर्जी ने गृहमंत्री की यात्रा के साथ पश्चिम बंगाल में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छापे पर टिप्पणी की थी। सूत्रों का कहना है कि कोयला रैकेट की राज्य में कुछ राजनीतिक दलों तक पहुंच हो सकती है।

सीबीआई ने पश्चिम बंगाल में एक पशु तस्करी मामले में भी कार्रवाई की है, जिसमें कथित रूप से किंगपिन मुर्शिदाबाद जिले के निवासी इनामुल हक को गिरफ्तार किया गया है। कोविड-19 पॉजिटिव परीक्षण के बाद वह अंतरिम जमानत पर है। पशु तस्करी से जुड़े मामले में एक सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी को भी गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों ने बताया कि पशु-तस्करी और कोयला रैकेट के बीच एक लिंक है।

ये छापे 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव से महीनों पहले आते हैं, जो अगले साल अप्रैल-मई में होंगे। दशकों से राजनीतिक रूप से ध्रुवीकृत राज्य में सीमित उपस्थिति के बाद भाजपा 2019 के आम चुनावों में पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 18 सीटें जीतकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी है।