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डॉ. रमेश टण्डन संपादित किताबों का उच्च शिक्षा मंत्री ने किया विमोचन

खरसिया । महात्मा गांधी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय खरसिया में पदस्थ डॉ. रमेश टण्डन विभागाध्यक्ष – हिन्दी के द्वारा संपादित दो किताबों का दिनांक 07 दिसम्बर को विमोचन किया गया। अत्यन्त सादगी के साथ माननीय उच्च शिक्षा मंत्री के निवास स्थान नंदेली हाउस में उच्च शिक्षा मंत्री मात्री उमेश पटेल के कर कमलों से दिल्ली से प्रकाशित दोनों किताबों- ‘‘भारतीय साहित्य’’ और ‘‘लोक साहित्य एवं छतीसगढ़ी साहित्य’’ का विमोचन हुआ। विमोचन के अवसर पर के एम टी कन्या महाविद्यालय रायगढ़ के सहायक प्राध्यापक (हिन्दी) व लोक साहित्य एवं छतीसगढ़ी साहित्य के उप संपादक प्रो. बी के भगत और संपादक डॉ. रमेश टण्डन उपस्थित थे। भारतीय साहित्य किताब, अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के अन्तर्गत संचालित एम ए हिन्दी तृतीय सेमेस्टर चतुर्थ प्रश्न पत्र के सम्पूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित पाठ्यपुस्तक है।

इसके उप संपादक डॉ. बी एन जागृत, डॉ. दिनेश श्रीवास, डॉ. जयती बिस्वास, प्रो. चरणदास बर्मन व प्रो. सीमारानी प्रधान हैं जो छतीसगढ़ के विभिन्न महाविद्यालयों में हिन्दी विभाग में पदस्थ है। 176 पृष्ठों में समाहित पूरे पाठ्यक्रम को 13 अध्यायों में लिखा गया है। लोक साहित्य एवं छतीसगढ़ी साहित्य एम ए हिन्दी चतुर्थ सेमेस्टर चतुर्थ प्रश्न पत्र के सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को अपने में पूरी तरह समेटे हुए है। इसके उप संपादक प्रो. संध्या पाण्डेय, प्रो. बालकिशोर भगत, प्रो. वंदना रानी खाखा, प्रो. गोवर्धन सूर्यवंशी व प्रो. माग्रेट कुजूर हैं। दिल्ली से प्रकाशित 216 पृष्ठों की इस किताब में सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को 16 अध्यायों में लिखा गया है।

किताब विमोचन के अवसर पर माननीय उच्च शिक्षा मंत्री ने इन किताबों को छात्रोपयोगी बताते हुए संपादक मण्डल को बधाई दी। पूर्व कुलपति प्रोफेसर जी डी शर्मा ने शुभकामनाएँ प्रेषित की। एम ए अंतिम हिन्दी के छात्रों के लिए लिखी गई इन किताबों के प्रकाशन से संपादक डॉ. रमेश टण्डन को बधाई देते हुए अग्रणी महाविद्यालय रायगढ़ के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. मीनकेतन प्रधान ने इसे उच्च कोटि का अकादमिक कार्य बताया। प्रो. मनोज साहू ने इसे साहित्यिक क्षेत्रों में मील का पत्थर कहा। प्रो. आनंद शर्मा, प्रो. एम एल धीरही, वंदना जायसवाल, आनंद कुमार त्रिवेदी, प्रो. अर्चना आसटकर, प्रो. जयराम कुर्रे, सानिध्य टण्डन एवं समस्त लेखकों ने पुस्तक प्रकाशन पर हर्ष व्यक्त किया है।

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