हिंडाल्‍को इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड और सार्वजनिक क्षेत्र के मिनीरत्‍न केंद्रीय उद्यम, हिंदुस्‍तान कॉपर लिमिटेड ने हिंदुस्‍तान कॉपर द्वारा उत्‍पादित कॉपर कंसेंट्रेट के दीर्घकालिक क्रय-विक्रय हेतु आज एक समझौता-पत्र पर हस्‍ताक्षर किया।

हिंदुस्‍तान कॉपर लिमिटेड के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक, अरूण कुमार शुक्‍ला और हिंडाल्‍को इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, सतीश पै द्वारा इस समझौते पर हस्‍ताक्षर किया गया।

यह एक अनूठी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) है जो सरकार के आत्‍मनिर्भर भारत के अभियान के अनुरूप है। यह साझेदारी आयात स्‍थानापन्‍न और आयातित कॉपर कंसेंट्रेट पर राष्‍ट्र की निर्भरता कम करने की दिशा में बढ़ाया गया एक प्रमुख कदम है।

हिंडाल्‍को इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, सतीश पई ने कहा, ”हिंदुस्‍तान कॉपर के साथ सहयोग हमारे लिए सम्‍मान की बात है। यह करार आत्‍मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ाया गया एक महत्‍वपूर्ण कदम है, चूंकि इससे रिफाइंड कॉपर के घरेलू उत्‍पादन के लिए स्‍थानीय रूप से खनन किये गये कॉपर कंसेंट्रेट को उपयोग में लाने में मदद मिलेगी और इससे इस महत्‍वपूर्ण धातु के आयात पर राष्‍ट्र की निर्भरता घटेगी।”

पईने आगे कहा, ”इससे हिंडाल्‍को की मूल्‍य श्रृंखला का रणनीतिक महत्‍व बढ़ेगा और हम भारत के विविध कॉपर डाउनस्‍ट्रीम सेक्‍टर्स को कॉपर उत्‍पादों की अधिक विश्‍वसनीय तरीके से आपूर्ति कर सकेंगे। यह पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का एक शानदार उदाहरण है और यह दोनों ही कंपनियों के लिए लाभदायक है।”

हिंदुस्‍तान कॉपर, भारत कॉपर कंसेंट्रेट का एकमात्र उत्‍पादक है। इस समझौते के तहत, एचसीएल के कॉपर कंसेंट्रेट उत्‍पादन के लगभग 60 प्रतिशत हिस्‍से(कॉपर कंटेंट) का उपयोग हिंडाल्‍को द्वारा रिफाइंड कॉपर के निर्माण में किया जायेगा। हिंडाल्‍को के कॉपर का इस्‍तेमाल विद्युत, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, रेलवे व विनिर्माण जैसे प्रमुख उद्योगों द्वारा किया जाता है।

हिंदुस्‍तान कॉपर के सीएमडी, अरूण कुमार शुक्‍ला ने कहा, ”यह साझेदारी टिकाऊ तरीके से देश के खनिज संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए घरेलू कॉपर इंडस्‍ट्री के निर्माण में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इस सहयोग से, एचसीएल एक कदम आगे बढ़ाते हुए स्‍वदेशी कॉपर निर्माताओं के लिए कच्‍चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इससे देश का मेक इन इंडिया मिशन और आत्‍मनिर्भर भारत अभियान का उद्देश्‍य भी पूरा होगा।”
हिंदुस्‍तान कॉपर को राष्‍ट्र का एकमात्र वर्टिकली इंटीग्रेटेड कॉपर उत्‍पादक कंपनी होने का गौरव प्राप्‍त है, जो खनन से लेकर सज्‍जीकरण, रिफाइंड कॉपर की स्‍मेल्टिंग, रिफाइनिंग एवं कास्टिंग से लेकर डाउनस्‍ट्रीम बिक्रीयोग्‍य उत्‍पाद तैयार करने का काम करती है।

हिंडाल्‍को, भारत का सबस बड़ा कस्‍टम कॉपर उत्‍पादक है, जो वर्तमान में भारत की घरेलू रिफाइंड कॉपर की 50 प्रतिशत से अधिक आवश्‍यकताएं पूरी करता है। हिंडाल्‍को के कॉपर उत्‍पादों का उपयोग भारत के प्रमुख ढांचागत क्षेत्रों जैसे विद्युत, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल्‍स, रेलवे आदि में होता है। हिंडाल्‍को गुजरात के दाहेज में एशिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन कस्‍टम कॉपर स्‍मेल्‍टर का परिचालन करता है।

हिंदुस्‍तान कॉपर लिमिटेड के विषय में हिंदुस्‍तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल), सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम है जो खनन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में है। इसकी स्‍थापना 9 नवंबर, 1967 को हुई थी। हिंदुस्‍तान कॉपर को राष्‍ट्र का एकमात्र वर्टिकली इंटीग्रेटेड कॉपर उत्‍पादक कंपनी होने का गौरव प्राप्‍त है, जो खनन से लेकर सज्‍जीकरण, रिफाइंड कॉपर की स्‍मेल्टिंग, रिफाइनिंग एवं कास्टिंग से लेकर डाउनस्‍ट्रीम बिक्रीयोग्‍य उत्‍पाद तैयार करने का काम करती है।

कंपनी द्वारा कॉपर कैथोड्स, कॉपर वायर बार, कंटिनिअस कास्‍ट कॉपर रॉड एवं बाय-प्रोडक्‍ट्स जैसे एनोड स्‍लाइम (जिसमें गोल्‍ड, सिल्‍वर आदि होते हैं), कॉपर सल्‍फेट एवं सलफ्यूरिक एसिड की मार्केटिंग की जाती है। एचसीएल की खदानें और संयंत्र पांच परिचालन इकाइयों में फैले हैं, जिनमें से एक-एक इकाई राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, झारखंड, महाराष्‍ट्र और गुजरात में है।

हिंडाल्‍को इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड के विषय में हिंडाल्‍को इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड, आदित्‍य बिड़ला समूह की मेटल्‍स फ्लैगशिप कंपनी है। 16.7 बिलियन डॉलर का मेटल्‍स पावरहाउस, हिंडाल्‍को दुनिया की सबसे बड़ी अल्‍यूमिनियम रोलिंग और रिसाइक्लिंग कंपनी है, और यह कॉपर के क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी है। यह एशिया में प्राथमिक अल्‍यूमिनियम के सबसे बड़े उत्‍पादकों में से एक भी है।

दुनिया को हरा-भरा, मजबूत एवं स्‍मार्ट बनाने के अपने उद्देश्यों के अनुरूप, हिंडाल्‍को धरती के संरक्षण हेतु अभिनव तरीके के समाधान उपलब्‍ध कराता है। इसकी पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली, अनुषंगी, नोवेलिस इंक., दुनिया में अल्‍यूमिनियम बेवरेज कैन स्‍टॉक का सबसे बड़ा उत्‍पादक और यूज्‍ड बेवरेज कैन्‍स (यूबीसी) का सबसे बड़ा रिसाइक्‍लर है।
भारत में हिंडाल्‍को के कॉपर संयंत्र में विश्‍वस्‍तरीय कॉपर स्‍मेल्‍टर, डाउनस्‍ट्रीम फैसिलिटीज, फर्टिलाइजर प्‍लांट और कैप्टिव जेटी है। कॉपर स्‍मेल्‍टर, सिंगल लोकेशन पर स्थित दुनिया के सबसे बड़े कस्‍टम स्‍मेल्‍टर्स में से एक है। हिंडाल्‍को की 47 निर्माण इकाइयां दुनिया के 10 देशों में हैं।