सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की प्रक्रिया पर उनके चचेरे भाई नीरज सिंह बबलू ने एबीपी न्यूज से बात की. नीरज सिंह बबलू ने कहा, जब से घटना घटी है तब से हम लोग लगातार महसूस कर रहे हैं कि मुंबई पुलिस इस मामले को दबाने में लगी हुई है, कोई जांच नहीं कर रही है.

नीरज सिंह बबलू ने कहा, “हम लोगों की मांग थी कि केस सीबीआई जांच के लिए भेजा जाए, पूरा देश सीबीआई जांच की मांग कर रही थी. कल हमने विधानसभा में मामला उठाया, हमारी पत्नी नूतन सिंह ने विधानपरिषद में मामला उठाया फिर जाकर हमारे तमाम नेताओं ने हमसे बात की. बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव, सुशील मोदी, चिराग पासवान, फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी बात हुई. हमने सभी से यही कहा कि जो देश की भावना हो उस हिसाब से काम करे और इसे सीबीआई जांच के लिए भेजे क्योंकि बिहार पुलिस की महाराष्ट्र सरकार सहयोग नहीं कर रही है ये पूरा देश देख रहा है. इसलिए इस मामले को हर हाल में सीबीआई जांच के लिए भेज देना चाहिए, सीबीआई में मामला जाने से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और आज पूरा तस्सली है हमको की मामला सीबीआई में जा रहा है.”

‘केस मुंबई ट्रांसफर नहीं होना चाहिए’
बबलू ने कहा, रिया चक्रवर्ती का कहना है कि केस ट्रांसफर हो मुंबई में और जब इस केस में मुंबई पुलिस सपोर्ट ही नहीं कर रही है तो वहां केस ट्रांसफर करने का कोई मतलब ही नहीं है क्योंकि केस अगर मुंबई चला जाएगा तो केस पूरी तरह खत्म हो जाएगा, जिस तरह से पहले खत्म था वैसे ही, ये सब सामने दिखता है कि महाराष्ट्र पुलिस कैसे केस को दबाने में लगी है और सीबीआई देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी है और वहां जाने में किसी को एतराज नहीं होना चाहिए और न्यायालय में भी हमे नहीं लगता कि कोई रोक लगेगा, सीबीआई जांच तो देश के लोगों की भावना है, ये होगा तभी सब कुछ साफ होगा और सुशांत जैसे कलाकार को न्याय मिलेगा और आने वाले दिनों में फिर कोई सुशांत के साथ ऐसी घटना नहीं घटेगी जब जांच होकर कार्यवाही हो जाएगी.

‘ये किसी दल का नहीं, बिहार का मामला है’
नीरज सिंह बबलू ने कहा, ‘किसी ने राजनीतिक बातें नहीं की है, हम परिवार से है और बीजेपी के विधायक भी हैं तो क्या हम अपना मुंह बंद कर ले. हमारा कर्तव्य है कि हम किसी भी दल में होते अगर हम पारिवारिक सदस्य हैं तो हमारी जिम्मेदारी थी कि इस बात को आगे लाना और हमारे दल के लोगों ने सपोर्ट किया. बिहार के सभी पार्टी ने आवाज उठाया है ये बिहार का मामला है किसी दल का नहीं. बिहार के अस्मिता का सवाल है, मुख्यमंत्री को आभार है कि उन्होंने सीबीआई को भेजने का काम किया. इसके लिए मुख्यमंत्री के साथ अपने नेता भूपेंद्र यादव, सुशील मोदी, चिराग पासवान और जिन लोगों ने शुरू से आवाज बुलंद करने का काम किया, सभी का आभार व्यक्त करते हैं.’