रंजन चौधरी ने कहा, ”शुभेन्दू दादा का पूरा परिवार कांग्रेसी था, उनके पिता भी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष थे. कांग्रेस छोड़ के हीं वो टीएमसी में गए थे. अगर शुभेन्दू दादा कांग्रेस में आना चाहें तो उनके लिए कांग्रेस के दरवाज़े दिन और शाम हीं नहीं बल्कि पूरी रात भी खुले रहेंगे.”

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हालांकि, उन्होंने अगर TMC छोड़ा तो ममता बनर्जी उनको और उनके परिवार को निशाना बनाने के लिए पूरा तंत्र लगा देंगी. ममता ने एक सपेरे कि तरह उनका इस्तेमाल किया और आज एक के बाद एक लोग उनको वैसे हीं छोड़ रहे जैसे किसी सपेरे को उसी का सांप डस लेता है.

अधीर रंजन ने इस संबंध में बातचीत करते हुए कहा, ”शुभेन्दू दादा बहुत कुछ कर सकते थे मगर ममता ने उनको लोगों का नेता नहीं बनने दिया बल्कि दहशतगर्दों का नेता बनाया. ममता ने अपने भतीजे को जान कर रखा मिस्टर क्लीन और शुभेन्दू दादा को बना दिया मिस्टर डर्टी.”

हालांकि, अधीर रंजन चौधरी ने ये भी कहा, ”हमें लगता है कि ऐसे में दादा ने TMC छोड़ी तो वो उस पार्टी को ज्वाइन करना चाहेंगे जो उन्हें ममता से बचा सके.”

अधीर रंजन चौधरी का आरोप है कि ममता बनर्जी ने शुभेन्दू अधिकारी के ही ज़रिए कांग्रेस के कई बड़े-छोटे नेताओं को तोड़ कर तृणमूल में शामिल कराया था.