चिली की राजधानी सैंटियागो में हतप्रभ करने वाली घटना हुई। एक महिला ने अपनी मौत का ड्रामा किया और जनाजे का पूर्वाभ्यास किया। उसने किराए का ताबूत बुलवाया। उसमें तीन घंटे तक लेटी रही। परिजनों ने भी खूब ‘आंसू’ बहाए। जानिए घटना का पूरा सच।
मायरा अलोंजो नाम की 59 वर्षीय महिला सैंटियागो में रहती हैं। वह पूरी दुनिया से आ रही कोरोना से मौतों की खबरों से परेशान रहने लगी थी। उसे लगा कि यदि उसकी कोरोना से मौत हुई तो उसकी अंतिम यात्रा में कोई नहीं आएगा। ऐसे में उसे सूझी कि वह अपनी मौत का ड्रामा करे। इसके लिए उसने अपने परिजनों को भी मना लिया
परिजनों व दोस्तों ने भी बहाए ‘आंसू’
मायरा अलोंजो ने अपनी फर्जी मौत व जनाजे के इंतजाम किए। शानदार ताबूत किराए पर लिया। मायरा ने अंतिम सफर के लिए सफेद ड्रेस पहनी। सिर पर फूलों का मुकुट सजाया। अंतिम यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार हुई और लेट गई ताबूत में। उसके लेटते ही परिजनों व दोस्तों ने दहाड़ मार-मार कर ‘रोना’ शुरू कर दिया। आसपास के लोग भी जमा हो गए। सभी ‘आंसू’ बहाने लगे।
एक लाख रुपये से ज्यादा आया खर्च
अपने इस अनूठे ड्रामे पर मायरा अलोंजो ने करीब एक हजार पाउंड यानी एक लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए। बुधवार को उसका यह ड्रामा करीब चार घंटे चला।
ताबूत से उठकर बोली- सपने जैसा था अनुभव
अलोंजो ने बताया कि अपनी ही मौत के ड्रामे का उसका यह अनुभव किसी सपने से कम न था। उसने जीते जी अंतिम सफर को भी देख लिया। जीवन में सब देख लिया। दरअसल अलोंजो यह जानना चाहती थी कि उसकी जनाजे में कितने लोग आएंगे। उसे कंधा देने के लिए दोस्त व रिश्तेदार आएंगे या नहीं। इससे उसे पता चल गया कि वह सभी की चहेती है। उसे चाहने वाले सारे लोग आए।
हो रही आलोचना
इस घटना की आलोचना भी हो रही है। लोगों का कहना है कि यह ड्रामा कर अलोंजो ने कोरोना मृतकों का मजाक उड़ाया है। बता दें, भारत समेत पूरी दुनिया में कई लोगों को कोरोना से मौत के बाद उनके परिजनों ने भी अस्पतालों में ही छोड़ दिया। वे महामारी से डर के मारे प्रियजनों की अंत्येष्टि में भी शामिल नहीं हो रहे हैं।