ईरान-अमेरिका शांति समझौते के बाद बड़ी राहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से हटाई गई नाकाबंदी
वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को मिलेगी मजबूती, भारत के लिए भी राहत की उम्मीद
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद मध्य-पूर्व से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटा दी गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल परिवहन का मार्ग फिर से सामान्य हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने के उद्देश्य से हुए समझौते के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अमेरिकी प्रशासन ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस इसी मार्ग से विभिन्न देशों तक पहुंचाई जाती है। नाकाबंदी हटने के बाद तेल और गैस की आपूर्ति सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भारत सहित उन देशों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कच्चे तेल और एलपीजी से भरे कई टैंकर अब बिना किसी बाधा के अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकेंगे।
हालांकि समझौते के सभी बिंदुओं की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इसे क्षेत्रीय शांति और वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह समझौता लंबे समय तक प्रभावी रहता है तो कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है, जिसका सकारात्मक असर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।



