Aryan Khan ड्रग केस में बड़ा खुलासा, जानें कैसे 18 करोड़ पर भारी पड़ी एक सेल्फी

मुंबई: आर्यन खान केस (Aryan Khan Case) क्या सिर्फ ड्रग्स से जुड़ा हुआ है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी, ये तो  जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन इस मामले के गवाह विजय पाघरे का दावा है कि आर्यन को फंसाने के नाम पर पैसे वसूलने की प्लानिंग 27 सितंबर को नवी मुंबई के होटल में हुई थी. पाघरे ने दावा किया है, इस प्लानिंग को करने वाले चार किरदार हैं किरण गोसावी, मनीष भानुशाली, सेम डिसूजा और सुनील पाटिल.

जब भानुशाली बोला- बड़ा गेम आ गया है’

विजय पाघरे ने मुंबई पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसको सुनील पाटिल से पैसे लेने थे इसलिए वो उसके साथ पिछले कई महीनों से रह रहा था. 27 सितंबर को भानुशाली उसके रूम में आया और सुनील पाटिल को बोला कि बड़ा गेम आ गया है अभी के अभी अहमदाबाद निकलना है नाना (विजय) को मत लेना. उसने कहा, 3 तारीख को मेरे रूम पर भानुशाली आया और बोला, ‘चलो नाना तुम्हारे पैसे लेने जाना है. इसके बाद हम 9- साढ़े 9 बजे निकले वो बीच बीच में हिंदी गुजराती में बात कर रहा था. वो बार बार सेम, गोसावी से लगातार बात कर रहा था कि गोसावी ने कोई गड़बड़ तो नहीं की.’

एक सेल्फी ने बिगड़ा खेल?

विजय पाघरे ने कहा, ‘हम NCB ऑफिस गए तो वहां काफी मीडिया था. मैं वहां से चला गया. अपने दोस्त के ऑफिस जाकर देखा तो टीवी पर गोसावी और भानुशाली के फुटेज चल रहे थे. मुझे लगा कि कुछ गड़बड़ किया है पक्का. मैंने सोचा अपने पैसे जाने दो जब मिलेंगे तब देखेंगे. इसके बाद मैं तुरंत 7- साढ़े 7 बजे मानशिन्दे साहब को सब कुछ बताने किला कोर्ट चला गया लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी, मैं वापस आ गया. सुनील पाटिल मेरे पास आया और बोला कि एक सेल्फी की वजह से पूरा प्लान खराब हो गया. आये हुए पैसे वापस करने पड़ रहे हैं. सुनील पाटिल बार बार बोल रहा था, 50 लाख ले लिए थे, पहले दिन 38 लाख वापस कर दिए, उसके बाद 4 लाख और दिए. बाकी के साढ़े 17 करोड़ हवाला से आये थे जिसको वापस करना पड़ा.’

वानखेड़े और उनकी टीम ‘खेल’ में शामिल थी?

हालांक विजय पाघरे ने यह भी कहा, समीर वानखेड़े और उनकी टीम इसमें शामिल थी या नहीं ये वह नहीं कह सकता लेकिन पूरी जांच होगी तो सच सामने आएगा. उसने कहा, ‘प्रभाकर सेल और पूजा का नाम मैं सुन रहा था, प्रभाकर किरण गोसावी का बॉडी गार्ड है वो ही पैसे लेने और वापस करने गया था.’ विजय पाघरे के बयान 3 और 4 नवंबर को मुंबई पुलिस की SIT ने भी दर्ज किए हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button