एयू में दीक्षा: 89 मेधावियों को स्वर्ण पदक, 43 को मिलेगी पीएचडी की उपाधि

बिलासपुर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय का पंचम दीक्षा समारोह 31 अगस्त को होगा। राजभवन से अनुमति के बाद विश्वविद्यालय में जोर-शोर से तैयारियां प्रारंभ हो गई है। मंच पर 89 मेधावियों को स्वर्ण पदक एवं 43 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। चार विभूतियां मानद् उपाधि से विभूषित होंगे।

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बिलासपुर। बिलासपुर एयू दीक्षा समारोह को लेकर जनसंपर्क अधिकारी डा. तरुणधर दीवान ने स्पष्ट किया कि राजभवन से पत्र प्राप्त होने के बाद समारोह की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी के मार्गदर्शन में अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। व्यवस्था से लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे।

स्नातकोत्तर के 25 विभागों की मेरिट लिस्ट में से 22 विभागों की टापर छात्राएं हैं। इन छात्राओं को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। 89 मेधावियों को स्वर्ण पदक एवं 43 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। इसमें दिव्यांग छात्र को भी दानदाता पदक मिलेंगे। 27 मेधावियों को दानदाताओं द्वारा प्रदत्त पदक दिए जाएंगे।
टापर्स को मंच में मिलेगी डिग्री
प्रदेश की पहली विश्वविद्यालय है, जो टाप-10 में आने वाले सभी छात्र-छात्राओं को आमंत्रित करती है। यह परंपरा इस साल भी कायम रहेगी। स्वर्ण पदके अलावा हर विभाग के नौ छात्र-छात्राओं को मंच से डिग्री प्रदान की जाती है। इसकी तैयारी भी कर ली गई है। इसकी सूचना भेजने का कार्य और नोटिफिकेशन जारी करने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। टाप-10 में भी 164 छात्राओं ने स्थान बनाया है। वहीं 62 छात्र भी टाप-10 में हैं।
चार विभूतियों को मिलेगी मानद उपाधि
दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि के रूप में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिश प्रशांत मिश्रा रहेंगे। इन्होंने स्वीकृति दी है। इन्हें विश्वविद्यालय विधि संकाय में पीएचडी की मानद उपाधि दी जाएगी। इसके अलावा इसरो के अध्यक्ष एस. समोनाथ को एयू विज्ञान संकाय, जूलाजिकल सर्वे आफ इंडिया, भारत विज्ञान संकाय की निदेशक डा. धृति बनर्जी एवं लवली प्रोफेसनल यूनिवर्सिटी जालंधर की सम कुलपति रश्मि मित्तल को एयू कला संकाय में मानद उपाधि से विभूषित किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर केंद्रित
दीक्षा समारोह पूरी तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर केंद्रित होगी। मंच से विश्वविद्यालय को मिले 12बी की मान्यता, यूजीसी के द्वारा अनेकों प्रकार के दिए गए लाभ, स्टार्टअप योजना एवं इंटरनेशनल कान्फ्रेंस के माध्यम से विश्वविद्यालय को माडल विश्वविद्यालय बनाने एवं उत्कृष्ट एआइ लैब का निर्माण को उपलब्धि के रूप में गिनाएंगे।

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