रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या कहें ?…. क्या जब 420 का मामला चल रहा है तो करवाई में भेजना ही क्यों ? क्या बड़े अधिकारियों को पुरे मामले की जांच नहीं करना चाहिए……
मामला सोशल मीडिया में खूब सुर्खियां बटोर रहा है….
रायगढ़ :
पीड़िता रुकमनी परजा द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायत की कॉपी में बताया गया है कि 21 अप्रैल को सुबह 7:30- 8:00 बजे के करीब तमनार निवासी सुधीर निषाद और तमनार थाना के कांस्टेबल भिष्मदेव सागर एवम साथियो द्वारा उसके घर आए, जिस वक्त वह नहा रही थी। महिला ने आरोप लगाया है की नहा रहे है थोड़ी देर बाद आना करके मना करने के बावजूद भी सुधीर निषाद और आरक्षक भीष्म देव सागर जबरन घर में घुस में गया। और बोलने लगे कि तुम लोग दारू बनाते हो और हम लोग पकड़ने आए हैं। महिला का आरोप है कि अंदर घुसने के बाद दोनों पेटी बक्सा की तलाशी करने लगे।बता दे कि सुधीर निषाद 420 का मामला चल रहा है बावजूद थाना के अधिकारियों द्वारा पुलिसिया कार्यवाही में हमेशा सुधीर निषाद को साथ मे रखा करते है जिसकी पुष्टि थाना में लगे सी सी कैमरे से पता किया जा सकता है आखिर सुधीर निषाद पर पुलिस इतना मेहरबान क्यो कहीं अवैध वसूली का मीडियेटर तो नहीं यह जाँच का विषय है अब देखना यह है कि उक्त कृत्य पर क्या कार्यवाही होती है या फिर आया गया फ़ाइल बन्द हो जाता है




