छत्तीसगढ़ के स्थानीय भोले भाले किसानों व ग्रामीणों का शोषण कर रहा है अडानी पावर लिमिटेड छोटे भंडार ,

रायगढ़ जिले पुसौर तहसील के अंतर्गत ग्राम-छोटे भंडार का है यह की पूर्व में जब कोरबा वेस्ट पावर कंपनी के द्वारा प्रभावित चार गांव -अमलीभौना ,सरवानी ,छोटे भंडार और बड़े भंडार के भूमि का भू-अधिग्रहण किया था , साथ ही उक्त चारो गांव के भूमि को सीधे क्रय किया था जिसमे आदर्श पुनर्वास निति का अभी तक पालन नहीं किया गया है जिसके संबंध में प्रभावित भूमि स्वामी द्वारा समय समय में आंदोलन भी किया गया है उक्त प्रभावित चारो गाँवो से लगभग ३७० लोग अभी भी पुनर्वास नीति से वंचित है चूँकि भू -अधिग्रहण के समय छ ग आदर्श पुनर्वास नीति २००७ लागु थी उसके अनुसार कंपनी को भूमि में आधिपत्य प्राप्त होने के दो साल बाद उन्हें नियमित रोजगार दिया जाना था और रोजगार की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराने पर उद्योग को न्यूनतम रोजगार गारंटी के तहत उन्हें प्रतिमाह भुगतान किया जाना था अर्थात उद्योग को जब वर्ष २०१२ तक सभी को पुनर्वास का लाभ दिया जाना था लेकिन आज पर्यन्त उन्हें पुनर्वास नीति का लाभ नहीं दिया गया है यदि कंपनी वर्ष २०१२ से प्रभावित लोगो न्यूनतम रोजगार गारंटी के तहत भुगतान करते रहता तो प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को अब तक १० से १५ लाख भुगतान किया जा चूका होता लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया और अब केवल पांच लाख प्रति प्रभावित परिवार को दिया जा रहा है इस प्रकार से कंपनी स्थानीय प्रभावित व्यक्ति का शोषण कर रहा है।
आदर्श पुनर्वास नीति २००७ के अनुसार कंपनी पुनर्वास नीति का पालन नहीं किया जा रहा है उक्त नीति में नियमित रोजगार या न्यूनतम रोजगार गारंटी के तहत भुगतान करना था लेकिन कंपनी एक मुश्त राशि पांच लाख देकर छ ग के स्थानीय लोगो का शोषण कर रही है।

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