
रायगढ़। आज बिलासपुर में फिल कोल कंपनी का जनसुनवाई किया गया जिसमें नियमों को ताक पर रखकर जनसुनवाई कराई गई है जहां यह भी जानकारी मीडिया के माध्यम से मिल रही है कि वहां पर जिला प्रशासन के अलावा कंपनी प्रबंधक के द्वारा अपना निजी सुरक्षा गार्ड के अलावा बाउंसर लोग को भी इस जनसुनवाई में शामिल किया गया और ज्यादा से ज्यादा लोगों को जनसुनवाई में बोलने नहीं दिया गया जनकारी मिल रही है कि बहुत लोग डर से विरोध करने भी नही जा सके
अब सवाल यह बनता है कि रायगढ़ जिले के घरघोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत नवापारा टेंडा में भी कंपनी द्वारा कम्पनी विस्तार के लिए जनसुनवाई कराई जा रही है लेकिन चर्चा का बाजार गरम है कि हर नियम को ताक पर रखकर जनसुनवाई की मंजूरी मिली है जबकि नवापारा टेंडा और उससे सटे ग्राम पंचायतों ने भी इस जनसुनवाई का कड़ा विरोध जताते हुए पहले कलेक्ट्रेट में कलेक्टर को ज्ञापन दिया उसके बाद पुलिस अधीक्षक को भी इस जनसुनवाई को रद्द करने के लिए ज्ञापन दिया इसके बावजूद भी जनसुनवाई कराना कहां तक उचित है
बता दें कि जिस तरह से जिला प्रशासन हर नियमों को ताक पर रखकर इस उद्योग को जनसुनवाई की मंजूरी दे रही है आने वाले समय में घरघोड़ा क्षेत्र के लोगों को प्रदूषण का सामना करना पड़ेगा और वही आस पास के लोगो मे नए नए बीमारियों का बढ़ावा मिलेगा
वही जनसुनवाई के विरोध में ग्रामीणों ने यहां तक कि कहा कि भूपेश बघेल की सबसे महत्वाकांक्षी योजना तेंदूपत्ता जिससे हम ग्रामीणों का जीविका चलता है कंपनी विस्तार के बाद भूखो मरने की नोबत आ जाएगी
कंपनी लग जाने के बाद इसका असर साफ हम लोग के जीवन पर असर पड़ेगा वही जंगल के जानवरों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत हो जाएगी और जबकि यह क्षेत्र हाथी प्रभावित है जंगली जानवर जंगल को छोड़कर खाने पीने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों तक आया जाया करेंगे जिससे हमारे बच्चों के और हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा उत्पन्न होगा अब सरकार से हम निवेदन करते हैं कि हर हालत में इस जनसुनवाई को रद्द किया जाए वही सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि कंपनी प्रबंधन के द्वारा इस जनसुनवाई को मंजूरी दिलाने के लिए हर संभव और कुछ भी करने को राजी हैं यहां तक की खबर मिल रही है कि इस जनसुनवाई में बिलासपुर की भांति यहाँ भी बाउंसर की भी मदद लेने की उम्मीद जताई जा रही है हालांकि आपकी आवाज परिवार इस बात को पुष्टि नहीं करता क्योंकि आने वाले समय में ही तय होगा की जनसुनवाई और कितने नियमों को ताक पर रखकर कराई जा रही है हालांकि अगर जनसुनवाई हो जाती है तो नवापारा टेंडा के साथ-साथ घरघोड़ा क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा अब आगे देखना है कि जिला प्रशासन इस जनसुनवाई को किस हिसाब से और कैसे और किस ढंग से कराता है पूरा मैच फिलहाल स्थानीय प्रशासन के पाले में है अब सभ कुछ जिला प्रशासन के हाथ है ?



