चक्रधरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: खुद को पुलिसकर्मी बताकर महिला से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो वायरल करने वाला नकली सिपाही गिरफ्तार, निकला सिक्योरिटी गार्ड
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए चलाए जा रहे विशेष “अभियान संवेदना” के तहत चक्रधरनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, चुपके से उसका अंतरंग वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर ब्लैकमेल करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को पुलिसकर्मी बताकर महिला को झांसे में रखता था, जबकि वह असल में एक सिक्योरिटी गार्ड निकला।
रेलवे स्टेशन पर मुलाकात कर खुद को बताया था पुलिसवाला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चक्रधरनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक 40 वर्षीय महिला ने 28 मई 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि मार्च 2026 में वह एक धार्मिक कार्यक्रम के सिलसिले में कोरबा गई थी, जहां रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात बिलासपुर निवासी अक्षय कुमार कुम्हरानी से हुई। आरोपी ने बातचीत के दौरान खुद को पुलिस विभाग का कर्मचारी बताया और महिला का विश्वास जीतने के लिए वर्दी पहनी हुई तस्वीरें भी साझा कीं। इसके बाद उसने महिला के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया।
शादी का झांसा देकर बनाए संबंध, चुपके से खींचीं अंतरंग तस्वीरें
जब आरोपी को पता चला कि महिला अपने गांव में अकेली रहती है, तो वह उसके घर पहुंच गया। वहां उसने शादी का प्रलोभन देकर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए और धोखे से उसके मोबाइल में कुछ अंतरंग फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इसके बाद 7 मई 2026 को जब पीड़िता अपनी मां के इलाज के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल गई थी, तो आरोपी वहां भी पहुंच गया। वह महिला को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और अश्लील फोटो-वीडियो होने की बात कबूलते हुए लगातार संबंध बनाए रखने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने पर उसने इन तस्वीरों को इंटरनेट पर डालने की धमकी दी।
फेसबुक-इंस्टाग्राम पर अपलोड किया वीडियो, जान से मारने की दी धमकी
महिला जब आरोपी की ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुकी, तो आरोपी अक्षय ने 27 मई 2026 को पीड़िता के अश्लील फोटो और वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर अपलोड कर दिए। इसके साथ ही वह व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर लगातार अश्लील मैसेज भेजकर पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। पीड़िता की शिकायत पर चक्रधरनगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराध क्रमांक 273/2026 के तहत बीएनएस की धारा 69, 296, 351(3) और आईटी एक्ट की धारा 66-ई, 67 व 67-ए के तहत केस दर्ज किया।
चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल ने घेराबंदी कर दबोचा, भेजा जेल
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी के आदेश पर चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल की एक संयुक्त टीम बनाई गई। मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी रायगढ़ के ही किसी इलाके में छिपा हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी अक्षय कुमार कुम्हरानी (31 वर्ष), निवासी सड़कपारा डोडकी (थाना मस्तुरी, जिला बिलासपुर) को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया ‘रियलमी सी-3’ मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
अनजान लोगों पर आंख बंद कर न करें भरोसा: एसएसपी
इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में चक्रधरनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक एन. बालचंद राव, जेनिपा पन्ना, आरक्षक विक्रम सिंह, साइबर सेल के आरक्षक पुष्पेंद्र जाटवर और मनोज पटनायक की अहम भूमिका रही। इस मामले पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आम जनता, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और झूठी पहचान के झांसे में आने से बचें और किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख बंद कर भरोसा न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस इसी तरह कड़ा एक्शन लेती रहेगी।



