सीएम भूपेश के दौरे के बीच नक्सल इलाकों में बुलेट प्रूफ गाड़ियों से होगी वीआइपी सुरक्षा, सरकार तैयार करवा रही चार बूलेट प्रूफ गाड़ियां
रायपुर
बताया जाता है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में हमले से बचाने के लिए सरकार इन गाड़ियों का इस्तेमाल करेगी। गृह विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि यह सुरक्षा का मामला है। नक्सल इलाकों में वीआइपी मूवमेंट में किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए और सुरक्षा के लिए इन गाड़ियों को तैयार कराने का निर्णय लिया गया है
पुलिस महकमे ने चार टोयोटो फार्चूनर गाड़ियों को बुलेट प्रूफिंग के लिए चुना है। गाड़ियों को बुलेट प्रूफ करने के लिए पहली बार पुलिस विभाग ने विभिन्न एजेंसियों से प्रस्ताव मंगाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कौन सी गाड़ी बुलेट प्रूफ है यह जानकारी तो नहीं दी जा सकती है पर नक्सली इलाकों में हमले से पूरी सुरक्षा के लिए सरकार ने अपनी तैयारी कर रखी है।
इन गाड़ियों में स्टील प्लेट, शीट और बीआर ग्लास सैंपल की बैलिस्टिक टेस्टिंग भी की जाएगी। गाड़ियों के गुणवत्ता के लिए सर्टिफिकेट भी देना होगा। इस गाड़ी के टायर फटने के बाद भी यह 60 किलो मीटर की रफ्तार से दौड़ सकेगी। साथ ही आइआइडी और एके 47 के हमले से भी बचाया जा सकेगा। आइईडी ब्लास्ट के साथ ही हैंड ग्रेनेड के हमले से भी इन गाड़ियों पर कोई असर नहीं होगा।
बुलेट प्रूफ गाड़ियों के मायने
छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सली हमले के कारण सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा प्रदेश में नौ साल पहले हुए झीरम नक्सली हमले में कांग्रेस ने प्रदेश के शीर्ष नेताओं को खो दिया है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके उच्च गुणवत्ता वाली बुलेट प्रूफ गाड़ियां तैयार करवा रही है।



