छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक जल्द, बस्तर से अगले 48 घंटे में प्रवेश के आसार

मानसून की रफ्तार धीमी, लेकिन मौसम विभाग ने बारिश, तेज हवा और वज्रपात का जारी किया अलर्ट

[img-slider id="274450"]

रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून राज्य की सीमा के करीब पहुंच चुका है और अनुकूल परिस्थितियां बनने पर अगले एक-दो दिनों में बस्तर संभाग से इसकी एंट्री होने की संभावना है। हालांकि पिछले तीन दिनों से मानसून की गति धीमी पड़ने के कारण प्रदेश में गर्मी और उमस का असर फिर बढ़ने लगा है।


तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी

प्री-मानसून गतिविधियों में कमी आने के कारण बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी हुई।

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के प्रवेश से पहले मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा।


सक्रिय द्रोणिका का दिख रहा असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य पाकिस्तान से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक एक सक्रिय द्रोणिका फैली हुई है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल रहा है।


बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


रायपुर में बादल और हल्की बारिश के आसार

राजधानी रायपुर में रविवार को बादलों की आवाजाही बनी रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।


राजनांदगांव रहा सबसे गर्म

पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।


कुसमी में हुई सबसे ज्यादा बारिश

बारिश के आंकड़ों के अनुसार कुसमी में सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा ओरछा में 4 सेंटीमीटर, पिपरिया में 3 सेंटीमीटर तथा बड़े बचेली और थानखमरिया में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

वहीं भैरमगढ़, माकड़ी, ओडगी, पंधरिया और बोड़ला क्षेत्रों में भी हल्की वर्षा दर्ज की गई।


किसानों को राहत की उम्मीद

मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के प्रदेश में प्रवेश करते ही बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी और तापमान में गिरावट दर्ज होगी। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

साथ ही खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए भी मानसून की बारिश काफी लाभदायक साबित होगी और खेती-किसानी के कार्यों को गति मिलेगी।

Back to top button