जिस सांप से खेल रहा था, उसके डसने से गई जान…

भिलाई. बचपन से सांप पकड़ने में माहिर युवक की सांप के डंसने से मौत हो गई। जामुल लक्ष्मी पारा निवासी कैलाश निषाद (40) बीती रात नाग सांप को पकड़ने के बाद उसके साथ करतब दिखा रहा था, इसी दौरान सांप ने उसे डंस लिया और बाद में युवक की मौत हो घई। घरवालों के मुताबिक कैलाश निषाद बचपन से ही सांप पकड़ता था लेकिन सांप पकड़ना उसका पेशा नहीं था। हालांकि सांप के प्रति उसका बचपन से ही लगाव था। जब भी किसी के घर में सांप निकलता था तो लोग उसे जरूर बुलाते थे। युवक सांप को पकड़ कर शहर के बाहर छोड़ देता था। बीती रात्रि 9 बजे जामुल लक्ष्मी नगर निवासी सिद्धार्थ सोनी के घर में नाग सांप निकला। तब बुलाने पर कैलाश आया और थोड़ी ही देर में सांप को उसने काबू में कर लिया। वहां चूंकि भीड़ लगी हुई थी, इसलिए पकड़ने के बाद मोहल्ले वासियों के सामने वह सांप के साथ कला बाजी दिखाने लगा। वह सांप को पकड़ कर लगे में लपेट रहा था। हाथ में पकड़ कर लोगों को दिखा रहा था। लोग हैरानी के साथ उसका वीडियो भी बना रहे थे। इसी दौरान सांप ने उसे डंस लिया। लेकिन युवक ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। क्योंकि इससे पहले भी उसे सांप ने डंसा था। वह सांप के जहर से बचने के लिए कोई जड़ी-बूटी खाता था। घर जाकर उसी को खा लिया। सांप को वह शहर के बाहर छोड़ कर वह घर आ गया। आधी रात को उसकी तबीयत बिगड़ने लगी तो परिवार वाले उसे जिला अस्पताल दुर्ग लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोेषित कर दिया। पुलिस ने मामले की सूचना पर मर्ग कायम कर लिया है।

[img-slider id="274450"]

दो मासूम बच्ची के सिर से उठा पिता का साया कैलाश निषाद की दो बेटियां है। बड़ी बेटी पूर्वी 8 साल की है और छोटी बेटी मानसी 3 साल की है। कैलाश के परिवार में दो बेटी, पत्नी झमिता, मां और छोटे भाई है। इन सब की जम्मिेदारी कैलाश के पर थी। वह अंडा रोल का दुकान चलाता था और उसी से परिवार का पेट पालता था। नहीं लगाए एंटी स्नैक्स इंजेक्शन मृतक के भाई भोज ने बताया कि रात में जब तबीयत बिगड़ी तो वे उसे एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। जहां इलाज नहीं हुआ तो शास्त्री अस्पताल सुपेला लेकर गए। जहां नाईट के ड्यूटी डॉक्टर एंटी स्नैक्स इंजेक्शन का डोज नहीं लगाया। भोज ने बताया कि डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल में एक ही डोज है। इसलिए वे नहीं लगाएंगे और बिना इलाज के ही जिला अस्पताल रिफर कर दिया। जिला अस्पताल में कुछ प्राथमिक इलाज के डॉक्टरों ने उसे वहां से प्राइवेट अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों को सौंप दिया। वहां से निकलते ही रास्ते में मौत हो गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button