जशपुरनगर : बिजली दर वृद्धि के विरोध में कांग्रेस का विद्युत विभाग घेराव, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की

जशपुरनगर।

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बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बैरिकेडिंग पार करने को लेकर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन द्वारा पहले से ही व्यापक पुलिस बल तैनात किया गया था।

आंदोलन में शामिल होने के लिए कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए। यहां से रैली के रूप में सभी कार्यकर्ता बस स्टैंड पहुंचे, जहां राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक पुतला दहन भी किया, जिसे पुलिस जवानों ने तत्काल पानी डालकर बुझा दिया।

इसके बाद रैली सती उद्यान तालाब, गायत्री मंदिर और पुरानी टोली मार्ग से होते हुए विद्युत विभाग कार्यालय पहुंची। कार्यालय परिसर के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रवेश मार्ग को बंद कर रखा था। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग हटाकर अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

आम जनता पर बोझ बढ़ाने का आरोप

मीडिया से चर्चा करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष यूडी मिंज ने कहा कि सरकार बिजली वितरण कंपनी के घाटे का हवाला देकर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के बड़े उद्योगपतियों पर हजारों करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसकी वसूली के बजाय आम जनता पर दर वृद्धि थोपी जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों, मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों पर बढ़ी हुई बिजली दरों का सीधा असर पड़ेगा। कांग्रेस ने सरकार से बिजली दर वृद्धि का निर्णय वापस लेने की मांग की।

महंगाई को लेकर भी साधा निशाना

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम लोगों का बजट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी।

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