
टेंडर घोटाले में बड़ा एक्शन: IAS अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर निलंबित, ठेकेदार रिशु श्री से सांठगांठ के आरोप
पटना। बिहार सरकार ने कथित टेंडर घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़े मामले में दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों अभिलाषा कुमारी शर्मा और योगेश कुमार सागर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ठेकेदार रिशु श्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ चल रही जांच के बाद की गई है।
टेंडर फिक्सिंग और अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार रिशु श्री पर विभिन्न सरकारी विभागों के टेंडर प्रभावित करने, पसंदीदा कंपनियों और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने तथा अधिकारियों के साथ कथित सांठगांठ करने के आरोप हैं। मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और विशेष निगरानी इकाई (SVU) की जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने के बाद सरकार ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
रिशु श्री पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने हाल ही में ठेकेदार रिशु श्री को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने सरकारी टेंडरों में प्रभाव डालने के लिए अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से करीबी संबंध बनाए थे। छापेमारी के दौरान नकदी, आभूषण, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए थे।
योगेश कुमार सागर पर विदेश यात्रा का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2017 बैच के IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि ठेकेदार रिशु श्री ने उनके और उनके परिजनों की विदेश यात्रा का खर्च उठाया था। जांच में यूरोप यात्रा और महंगे होटलों में ठहरने से जुड़े खर्चों की भी जांच की जा रही है।
अभिलाषा शर्मा पर महंगे उपहार और खर्च उठाने के आरोप
2014 बैच की IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच में दावा किया गया है कि ठेकेदार द्वारा उनके आवास पर सौंदर्यीकरण कार्य कराने, रिश्तेदारों की यात्राओं का खर्च उठाने और महंगे उपहार उपलब्ध कराने जैसी जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
विभागीय जांच भी होगी
सरकारी सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जांच एजेंसियां मामले में अन्य अधिकारियों और संभावित नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
और बड़े खुलासों की संभावना
जांच एजेंसियों का मानना है कि टेंडर आवंटन और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल ED, SVU और संबंधित विभाग पूरे प्रकरण की जांच में जुटे हुए हैं।
नोट : समाचार विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और जांच एजेंसियों द्वारा सामने आई जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।


