तिब्बत में कुछ घंटों के भीतर तीन बार भूकंप, 4.6 रही सबसे अधिक तीव्रता; चीन में भी कांपी धरती

नई दिल्ली। तिब्बत में भूकंप के झटके लगातार जारी हैं। शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 की सुबह कुछ ही घंटों के भीतर तीन बार धरती कांपी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इन भूकंपों की तीव्रता 4.0, 4.6 और 4.5 दर्ज की गई। सबसे तेज झटका 4.6 तीव्रता का रहा, जिसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। क्षेत्र में लगातार आ रही भूकंपीय हलचल के बीच चीन के कुछ इलाकों में भी झटके महसूस किए गए।

रात से सुबह तक तीन बार हिली धरती

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, तिब्बत में शनिवार तड़के तीन भूकंप दर्ज किए गए।

  • पहला भूकंप: रात 1:08 बजे, तीव्रता 4.0 और गहराई 15 किलोमीटर।
  • दूसरा भूकंप: रात 2:07 बजे, तीव्रता 4.6 और गहराई 10 किलोमीटर।
  • तीसरा भूकंप: सुबह 5:38 बजे, तीव्रता 4.5 और गहराई 10 किलोमीटर।

इन झटकों के बाद क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों को लेकर चिंता बनी हुई है।

पहले आए 7.0 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान

इससे पहले गुरुवार, 22 अक्टूबर को उत्तरी तिब्बत के नागचू क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इस घटना में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, शुक्रवार तक घायलों की संख्या बढ़कर 76 हो गई थी। सैकड़ों मकानों को नुकसान पहुंचा और कई इमारतें ढह गईं।

भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। क्षतिग्रस्त इमारतों के गिरने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास भी किए हैं।

आफ्टरशॉक्स से बचाव कार्यों में चुनौती

बड़े भूकंप के बाद आने वाले छोटे या मध्यम तीव्रता के झटकों को आफ्टरशॉक्स कहा जाता है। ये झटके पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों और संरचनाओं को और नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में राहत एवं बचाव दलों को क्षतिग्रस्त मकानों और मलबे के आसपास काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।

तिब्बत में लगातार दर्ज हो रही भूकंपीय गतिविधियों के बीच प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य और लोगों की सुरक्षा प्रशासन के लिए प्रमुख चुनौती बने हुए हैं।

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