भारत की अध्यक्षता में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का ऐतिहासिक समापन, 88 देशों ने नई दिल्ली डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किए
नई दिल्ली, 22 फरवरी 2026:
समिट में किए गए समझौते से एआई के वैश्विक भविष्य के लिए एक साझा रूपरेखा तय हुई है और भारत के कूटनीतिक प्रभाव को भी मजबूती मिली है। पिछले साल पेरिस में आयोजित एआई एक्शन समिट के दौरान अमेरिका और ब्रिटेन ने हस्ताक्षर करने से इनकार किया था, लेकिन नई दिल्ली में भारत ने सभी प्रमुख देशों को एक मंच पर लाने में सफलता हासिल की।
नई दिल्ली डिक्लेरेशन के प्रमुख बिंदु
- डेमोक्रेटिक डिफ्यूजन चार्टर: एआई संसाधनों तक सभी की समान पहुँच और स्थानीय नवाचार को प्रोत्साहन।
- ग्लोबल एआई इम्पैक्ट कॉमन्स: विभिन्न क्षेत्रों में एआई के सफल उपयोग को साझा करने का व्यावहारिक मंच।
- ट्रस्टेड एआई कॉमन्स: एआई प्रणालियों की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी संसाधनों और सर्वोत्तम प्रथाओं का साझा संग्रह।
- इंटरनेशनल नेटवर्क ऑफ एआई फॉर साइंस इंस्टीट्यूशन्स: वैश्विक अनुसंधान संस्थानों को जोड़कर वैज्ञानिक अनुसंधान में एआई के उपयोग को बढ़ावा।
सामाजिक और रोजगार संबंधी पहल
- एआई के समाज के सभी वर्गों के उत्थान में योगदान की मान्यता।
- सोशल एम्पॉवरमेंट प्लेटफॉर्म की स्थापना।
- एआई से बदलते रोजगार परिदृश्य के लिए रीस्किलिंग और कार्यबल विकास हेतु स्वैच्छिक मार्गदर्शक सिद्धांत।
88 देशों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं, मुख्य चुनौती इन वादों को लागू करना होगी, क्योंकि ये सभी प्रतिबद्धताएं स्वैच्छिक हैं। यूरोपीय संघ ने शुरुआत में कुछ अंशों पर आपत्ति जताई थी, लेकिन भारत को महत्वपूर्ण व्यापारिक सहयोगी मानते हुए अंततः सहमति दी।




