
क्या स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने में हो रहा असफल…?
रायगढ़ :आज कल शहर के भिन्न भिन्न चौक चौराहे पर जिस तरह यातायात की समस्याओं का अंबार लग रहा है ऐसे में पुलिस या यातायात पुलिस के कार्यों पर गभीर सवाल खड़ा होता है ऐसा नहीं है की पुलिस कोशिस नहीं कर रही है लेकिन उनकी कोशिश शहर की यातायात समस्याओं के सामने बौना साबित होती नजर आ रही है जिले के पुलिस कप्तान शशि मोहन सिंह ने रायगढ़ के चार्ज लेने के बाद पत्रकारों से पहली बार रूबरू हुए थे उसी दिन पत्रकारों के द्रारा यातायात की समस्याओं से अगवत कराया गया था और ऐसा भी नहीं है की पुलिस कप्तान ने कोशिस नहीं किया समय समय यातायात कों लेकर दिशा निर्देश जारी करते रहते है यही नहीं रामनमी के दिन या उससे एक दिन पूर्व रैली के समय यातायात की समस्या पैदा न हो उसके लिए स्वयं मोर्चा सभाले हुए नजर आए यही नहीं रैली के दिन सादे कपड़े में रैली के बिच दिखे जिसका परिणाम सबके सामने दिखा
यातायात शहर की पुरानी एवं जटिल समस्या : निगम क्षेत्र की शक्रिय गली एवं सड़क पर नालियों पर अतिक्रमण दुकान के बाहर तक समान के आलावा शहर के बीचों बिच पार्किंग की समस्या सोने सुहागा तब हो जाता है जब भीड़ भाड़ क्षेत्र में चार पहिया वाहन लेकर शहर में घूमते हुए लोग नजर आते है यह और खास हो जाता है जब सड़क के बीचों बिच निगम के तरफ से सड़क पर मध्य पट्टी दी गई है यह भी जाम का कारण ही बानी है
तात्कालीन कलेक्टर और पुलिस कप्तान ने कोशिश : कांग्रेस के पूर्वती सरकार के समय तत्कालीन कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा,पुलिस कप्तान,निगम आयुक्त, एवं अतिरिक्त पुलिस यातायात ने मिलकर शहर के यातायात प्रक्रिया कों सुचारु रूप से चलाने के लिए स्थाई हल के लिए शहर में भिन्न भिन्न चार जगह पार्किंग की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार के लिए अनुमति लिए प्रस्ताव भेजा गया था राज्य सरकार के तरफ से प्रस्ताव आया लेकिन तत्कालीन कलेक्टर एवं पुलिस कप्तान का तबादला हो गया उसके सरकार बदल गईं अब हलात यह है की जिस जगह पर पार्किंग बनना था वहा पानी टकी, आक्सीजोन, तीसरे जगह पर मोहल्ले वासियो का कब्जा चौथा राम भरोसे है उसके बाद कई कलेक्टर एसएसपी आए और गए किसी ने शहर के यातायात के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए ऐसा प्रतीत होता है की आगे भी यातायात की व्यवस्था सम्भव होती दिखाई नहीं दे रहा खैर शहर के लोगों कों धीरे धीरे सही जाम में इंतजार करने की आदत हो जाएगी
प्रतिदिन कब कहाँ किस चौक पर जाम :आपकी आवाज की टीम ने करीब एक सप्ताह से सर्वें के दौरान पाया है की तुलसी होटल, सुभाष चौक,पैलेस रोड पुराना गाँधी प्रतिमा चौक, एसपी कार्यलय, न्यू मार्केट मुरारी होटल चौक, मुरारी होटल से केवड़ा बाड़ी गली, केवड़ा बड़ी चौक, हटरी चौक, छाता मुड़ा बाई पास,अगर कारमेल स्कुल जिस दिन खुला रहता है उस दिन जोहाल पैलेस से लेकर ढीमरा चौक तक दोनों तरफ घटों जाम लगा रहता है शहर के बीचों बिच गाँधी प्रतिमा से चद दुरी पर गणेश वाच वाली लाइन शहर के कई ऐसे सड़क है जो आमने सामने से चार पहिया वाहन आ जाए तो जाम की स्थिति बन जाती है
सप्ताह में किस दिन कहाँ जाम : सोमवार के दिन हटरी चौक मगलवार कों सुभाष चौक हटरी चौक न्यू मार्केट शनिवार कों शनि मदिर, शहीद चौक, सुभाष चौक, न्यू मार्केट रविवार कों शहीद चौक, गोरीशकर मदिर रोड, न्यू मार्केट केवड़ा बड़ी चौक जोहाल पैलेस तुलसी होटल अगर गलती से कोई बड़ा त्यव्हार आ जाए तो फिर शहर के जाम का क्या कहना अब ऐसा लगने लगा है की सरकारे आएगी जाएगी लेकिन शहर के यातायात जाम की समस्याओं से निजात मिलना फिलहाल दूर दूर तक असम्भव दिख रहा है और यातायात पुलिस की कोशिश ना काफी साबित हो रही है



