धमधा के किसानों का राजधानी कूच, मुरमुंदा में पुलिस ने रोका; अब प्रतिनिधिमंडल रखेगा मांग

दुर्ग। धमधा क्षेत्र में कृषि ऋण से जुड़ी मांगों को लेकर चल रहा किसानों का आंदोलन अब राजधानी तक पहुंच गया है। कई दिनों से धरना और क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे किसानों ने गुरुवार को रायपुर जाने के लिए मार्च शुरू किया। प्रशासन ने मुरमुंदा के पास किसानों को रोक दिया, जिसके बाद आंदोलनकारियों की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल को अधिकारियों से चर्चा के लिए रायपुर भेजा गया।

किसानों का कहना है कि उनके ऋण खातों से जुड़े मामलों में स्थिति स्पष्ट करने और राहत दिलाने के लिए वे लंबे समय से संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखते आ रहे हैं। समाधान नहीं निकलने पर उन्होंने राजधानी जाकर अपनी मांग सीधे शासन के सामने रखने का निर्णय लिया।

ऋण खातों की जांच को लेकर प्रमुख मांग

किसान संगठन की ओर से पुराने कृषि ऋण खातों की स्थिति की जांच की मांग की जा रही है। आंदोलन से जुड़े किसानों का कहना है कि वर्ष 2018 में NPA हुए खातों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। उनका यह भी कहना है कि जांच पूरी होने तक ऋण वसूली, कुर्की और जमीन नीलामी जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

आंदोलन में धमधा क्षेत्र के खपरी, परसबोड़, कुटहा, पेंड्री और खैरझीटी समेत अन्य गांवों के किसान शामिल हैं।

प्रशासन से बातचीत के बाद निकला प्रतिनिधिमंडल

किसानों के रायपुर कूच की जानकारी मिलने के बाद मुरमुंदा में पुलिस और प्रशासन की टीम तैनात की गई थी। किसानों को आगे जाने से रोकने के बाद अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच चर्चा हुई।

इसके बाद 10 किसानों का प्रतिनिधिमंडल रायपुर भेजने पर सहमति बनी। प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों के सामने ऋण खातों की जांच, वसूली संबंधी कार्रवाई और किसानों की अन्य मांगों को रखेगा।

17 दिन से चल रहा आंदोलन

किसानों का आंदोलन करीब 17 दिनों से जारी है। इससे पहले भी प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पहुंचकर किसानों से बातचीत की थी। अधिकारियों की ओर से बैंक स्तर पर चर्चा करने का सुझाव दिया गया था, लेकिन किसान अपनी मांगों के समाधान के लिए उच्च स्तर पर हस्तक्षेप चाहते हैं।

अब रायपुर पहुंचे किसान प्रतिनिधिमंडल और अधिकारियों के बीच होने वाली बातचीत से यह तय होगा कि आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा।

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