धरमजयगढ़ : कोल ब्लॉक नीलामी के खिलाफ नवागांव ग्राम सभा का प्रस्ताव, 180 ग्रामीणों और 75 हाथियों की मौत का हवाला
धरमजयगढ़, 9 अक्टूबर 2026। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनांचल में प्रस्तावित कोयला खदानों की नीलामी को लेकर विरोध तेज हो गया है। कुड़ेकेला क्षेत्र की ग्राम पंचायत नवागांव की ग्राम सभा ने 5 अक्टूबर को बैठक आयोजित कर नवागांव ईस्ट और नवागांव वेस्ट कोल ब्लॉक की प्रस्तावित नीलामी रद्द करने का प्रस्ताव पारित किया है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष, जंगलों के संरक्षण और आदिवासी समुदायों के अधिकारों का हवाला देते हुए खनन गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
मानव-हाथी संघर्ष के आंकड़ों का दिया हवाला
ग्राम सभा की ओर से सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, 21 दिसंबर 2001 से 5 जून 2026 के बीच धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों के हमलों में 180 ग्रामीणों की मौत हुई। इनमें छाल क्षेत्र में 64 मौतें होने का दावा किया गया है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि 3 दिसंबर 2005 से 5 जून 2026 के बीच क्षेत्र में 75 हाथियों की मौत हुई, जिनमें 38 मौतें छाल क्षेत्र में दर्ज होने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र पहले से ही मानव-हाथी संघर्ष की चुनौती से जूझ रहा है। ऐसे में जंगलों के भीतर प्रस्तावित कोयला खदानों से वन क्षेत्र और हाथियों के आवागमन पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए।
पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची के अधिकारों का मुद्दा
ग्राम सभा ने अपने प्रस्ताव में संविधान के अनुच्छेद 244(1), पांचवीं अनुसूची और पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम यानी पेसा कानून, 1996 का उल्लेख किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जल, जंगल और जमीन उनके जीवन, आजीविका और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े हैं। इसलिए क्षेत्र में खनन संबंधी फैसले लेते समय ग्राम सभा के अधिकारों और स्थानीय समुदायों की चिंताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
SDM के माध्यम से केंद्र और राज्य को भेजा ज्ञापन
ग्राम सभा के प्रतिनिधियों ने 9 अक्टूबर को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, धरमजयगढ़ के माध्यम से केंद्रीय कोयला मंत्रालय, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में नवागांव ईस्ट और नवागांव वेस्ट कोल ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया तत्काल रद्द करने तथा खनन से संबंधित आवंटन, सर्वेक्षण, अन्वेषण और भूमि अधिग्रहण की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
हाथी कॉरिडोर की वैज्ञानिक जांच की मांग
ग्राम सभा ने हाथियों के आवागमन मार्गों और संभावित कॉरिडोर की स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच कराने की मांग रखी है। इसके साथ ही वन्यजीव विशेषज्ञों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और ग्राम सभा को की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी देने की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों ने छाल और धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के कुल 36,041.711 हेक्टेयर संवेदनशील वन क्षेत्र को संरक्षित घोषित करने की मांग उठाई है।
अब प्रशासनिक और सरकारी फैसले पर नजर
नवागांव ग्राम सभा के प्रस्ताव और ज्ञापन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। प्रस्तावित कोल ब्लॉकों की नीलामी, वन क्षेत्र पर संभावित प्रभाव और हाथियों के आवागमन मार्गों से जुड़े सवालों पर संबंधित विभागों का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।
फिलहाल ग्राम सभा ने कोल ब्लॉक नीलामी के विरोध में अपना प्रस्ताव और मांगें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दी हैं।
