कोरबा: एएसआई के पुत्र चंद्रमणि रात्रे का रायपुर में निधन, जांजगीर के बकसरा में हुआ अंतिम संस्कार
कोरबा के बुधवारी बायपास मार्ग पर विगत 6-7 जून की दरम्यानी रात हुए बेहद सनसनीखेज और हिंसक घटनाक्रम ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। इस वारदात में बोलेरो की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए पुलिस विभाग (कोरबा) में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) रामनारायण रात्रे के इकलौते पुत्र चंद्रमणि उर्फ दादू रात्रे (26 वर्ष) ने जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए दम तोड़ दिया। रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में 12 जून को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो जाने के बाद, पुलिस ने अब इस मामले को हत्या (मर्डर) की संगीन धाराओं में तब्दील कर दिया है।
जांजगीर के बकसरा में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार, उमड़ा जनसैलाब
मृतक चंद्रमणि रात्रे का शव रायपुर से उनके पैतृक निवास लाने के बाद, शनिवार 13 जून 2026 को उनके गृह ग्राम पंतोरा से लगे ग्राम बकसरा (जिला जांजगीर-चांपा) में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। एएसआई के इकलौते युवा पुत्र की इस दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम यात्रा में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, मैदानी कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित भारी संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए।
बोलेरो की टक्कर के बाद शुरू हुआ था खूनी खेल; पत्रकार मित्र का हुआ था अपहरण
पूरे घटनाक्रम पर नजर डालें तो वारदात की रात बुधवारी बायपास पर एक तेज रफ्तार अज्ञात बोलेरो वाहन ने चंद्रमणि रात्रे को जोरदार टक्कर मार दी थी, जिससे वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े थे। चंद्रमणि को मरणासन्न हालत में देखकर मौके पर मौजूद उनके मित्र व युवा पत्रकार अरविंद राठौर और साथी साहिल निर्मलकर ने हिम्मत दिखाई और अपनी स्कूटी से भाग रहे बोलेरो वाहन का पीछा करना शुरू किया। वे पीछा करते हुए बलगी मार्ग तक पहुंचे ही थे कि तभी बोलेरो के मददगारों ने कृत्य को छुपाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची।
आरोप है कि बोलेरो का पीछा कर रहे स्कूटी सवारों को रोकने के लिए पीछे से एक वेन्यू (Venue) कार और मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दर्जनों अपराधियों ने घेराबंदी कर दी। इन बदमाशों ने बलगी मोड़ के पास स्कूटी को रोककर युवा पत्रकार अरविंद राठौर का जबरन अपहरण कर लिया।
25-30 लोगों ने लाठियों से पीटा, पिस्टल तानकर की थी हवाई फायरिंग और लूटपाट
अपहरण के बाद बलगी मोड़ के सुनसान इलाके में पहले से मौजूद करीब 25 से 30 लोगों के हिंसक झुंड ने पत्रकार अरविंद राठौर पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने आतंक फैलाने की नीयत से पिस्टलनुमा हथियार निकालकर हवा में फायर (हवाई फायरिंग) भी किया। यही नहीं, बदमाशों ने पीड़ित पत्रकार के पास रखे नगद रुपए, उनका कीमती आईफोन (iPhone) और गले से सोने के आभूषण भी लूट लिए थे और उन्हें अधमरा छोड़कर फरार हो गए थे।
लावारिस मिली वेन्यू कार, दो संदिग्धों को कस्टडी में लिए जाने की चर्चा
इस हाई-प्रोफाइल और संगीन मामले में पुलिस की कई टीमें लगातार आरोपियों की सुरागसाजी में जुटी हुई हैं। घटना के तीन दिन बाद वारदात में प्रयुक्त संदिग्ध वेन्यू कार पुलिस को लावारिस हालत में बरामद हुई थी, जिसे जब्त कर लिया गया है। वहीं, लूटा गया पत्रकार का मोबाइल फोन भी बरामद होने के बाद उसे बांकीमोंगरा थाने में सुरक्षित जमा कराया गया है।
घायल चंद्रमणि की मौत के बाद अब मुख्य आरोपी वाहन चालक के खिलाफ दर्ज केस सीधे तौर पर हत्या के मामले में बदल गया है, जिससे इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी कानूनी शिकंजा और कड़ा होगा। पुलिस सूत्रों और गलियारों में चर्चा है कि सायबर सेल की मदद से दो मुख्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, हालांकि जांच प्रभावित न हो इसलिए पुलिस प्रशासन द्वारा अभी इसकी अधिकृत (ऑफिशियल) पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का दावा है कि इस पूरे कांड का जल्द ही बड़ा पर्दाफाश किया जाएगा।



