
चित्तूर: आंध्र प्रदेश में एक टॉपर छात्रा (school topper) द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला गरमाता जा रहा है, क्योंकि इस मामले में सत्तारुढ़ पार्टी से जुड़े नेता का नाम सामने आया है. राज्य के चित्तूर जिले के छोटे से कस्बे पालमनेर में 10वीं क्लास की एक टॉपर की आत्महत्या के बाद स्कूल के प्रिंसिपल को कल निलंबित कर दिया गया और आज शुक्रवार को उन्हें अरेस्ट कर लिया गया. सोडा बेचने वाले एक शख्स की पुत्री मिस्बाह फातिमा, गंगावरम के ब्रह्मर्षि हाई स्कूल (Brahmarshi High School) में पढ़ाई करती थी.
बेटी की आत्महत्या के बाद, छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल के प्रिंसिपल के दुर्व्यवहार ने उसे यह कदम उठाने के लिए बाध्य किया. प्रिंसिपल रमेश ने मिस्बाह को शैक्षणिक वर्ष समाप्त होने से कुछ दिन पहले ही जबरन ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) दे दिया था. हालांकि रमेश को पालमनेर पुलिस ने शुक्रवार को अरेस्ट किया था और उसके खिलाफ IPC की धारा 306 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इससे पहले गुरुवार को उसे स्कूल से भी निलंबित कर दिया गया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा के सुसाइड नोट को लेकर भी बवाल मचा हुआ है.
दरअसल, मिस्बाह ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसकी कक्षा की एक दोस्त के पिता स्कूल प्रबंधन पर दबाव डाल रहे थे कि वह उसे निकाल दें, ताकि उनकी बेटी क्लास में टॉपर बन जाए. मिस्बाह के परिवार ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस आरोपी और सहपाठी के पिता के खिलाफ ढीला रवैया अपना रही है, क्योंकि वह सत्ताधारी दल का नेता भी है. इस बीच, तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के नेता और पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश ने लड़की की ख़ुदकुशी के लिए YSRCP के नेता को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि मृतक मिस्बाह ने YSRCP नेता की बेटी से अधिक नंबर हासिल किए थे और इसलिए उसे प्रताड़ित किया गया और स्कूल के प्रिंसिपल की धमकियों के कारण उसने खुदकुशी करने जैसा कदम उठाने का फैसला लिया.




