
फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन हड़पने की कोशिश नाकाम, चार आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। जिले के अभनपुर क्षेत्र में जमीन से जुड़े एक कथित फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर और फर्जी पहचान का उपयोग करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज तैयार कराने का प्रयास किया था।
पुलिस के अनुसार मामला ग्राम थनौद स्थित लगभग एक एकड़ भूमि से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित भूमि का रिकॉर्ड मूल रूप से वास्तविक भू-स्वामी के नाम दर्ज था, लेकिन आरोपियों ने कथित रूप से सुनियोजित तरीके से दस्तावेजी हेरफेर कर जमीन का पंजीयन कराने की तैयारी की।
नकली पहचान के सहारे तैयार किए गए दस्तावेज
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपियों ने वास्तविक भूमि स्वामी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को प्रस्तुत कर उसकी तस्वीर, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया। इसके आधार पर विभिन्न दस्तावेज तैयार कर भूमि के स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
बताया जा रहा है कि सबसे पहले अधिकार संबंधी दस्तावेज तैयार कराए गए और बाद में जमीन के विभिन्न हिस्सों का पंजीयन कराने की कोशिश की गई।
दस्तावेजों की जांच में खुली परतें
मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज मिले। पहचान संबंधी अभिलेखों तथा अन्य साक्ष्यों की पड़ताल के बाद कथित जालसाजी के संकेत सामने आए। इसके बाद पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की।
चार आरोपी न्यायिक हिरासत में
कार्रवाई के तहत पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जमीन सौदे से जुड़े अन्य व्यक्तियों, दस्तावेज तैयार करने वालों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान नए तथ्य सामने आने पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने लोगों से भूमि खरीद-बिक्री के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है।



