बिना टेंडर अन्य व्यक्ति कों दिया गया सफाई का ठेका ( सोने पर सुहागा) तब हुआ जब,नाबालिगों से कराई जा रही सफाई अब स्वस्थ्य अधिकारी के खिलाफ एफ आई आर की मांग

रायगढ़ :ऐसा प्रतीत होता है की हमारे नगर निगम अपने कार्यों में इतना व्यस्त है की कब क्या करते है उनको पता ही नहीं चलता है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पता चला है की दिल्ली से स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्वें के लिए आने वाली है फिर क्या आंनन फानन में तीन एजेंसी सफाई के लिए नियुक्त होने के बाद बिना टेंडर के किसी चौथे आदमी कों बिना सोचे समझे 30आदमियों के सफाई के लिए स्वास्थ अधिकारी ने काम दे दिया अब स्वास्थ्य अधिकारी सवालों के घेरे बुरी तरह फस चुके है की यह रिस्ता क्या कहलाता है अब लोग उनके ऊपर एफ आई आर की मांग करने लगे है मामला रायगढ़ नगर निगम में सफाई कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शहर को स्वच्छ और आकर्षक दिखाने के नाम पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन आरोप है कि इस अभियान के तहत बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए ही कार्य ठेकेदारों को सौंप दिया गया।

बिना टेंडर दिए गया काम

सूत्रों के अनुसार, नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई कार्य के लिए नियमों को दरकिनार कर सीधे ठेके दे दिए गए। आरोप है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा और निर्धारित शासकीय नियमों का पालन नहीं किया गया।

नाबालिगों से कराई जा रही नाला सफाई

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि शहर में नाला सफाई जैसे जोखिम भरे कार्यों में नाबालिगों को लगाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में कम उम्र के बच्चों को नालों में उतरकर सफाई करते देखा गया है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। .

क्या है नगर निगम के नियम : नगर निगम रायगढ़ के नियम बाइलाज के कडिका नंबर 22 में लिखा गया है की 18साल के कम उम्र के बच्चों कों नाला या फिर अन्य सफाई अन्य ऐसे सबंधित कार्यों के लिए नहीं रखा जा सकता है ऐसे में बिना टेंडर सफाई के लिए शहर में तीन तीन एजेंसी होने के बावजूद किसी चौथे ठेकेदार कों काम देना कहाँ तक उचित है भगवान ही जनता है

किस पर होंगी करवाई : सूत्रों की माने एवं निगम बाइलाज की सत्तयता की बात की जाए तो जो ठेकेदार किसी नबालिक से कार्य करता है तो उसका लाइसेस निरस्त करने एवं उसके ठेकदारी प्रक्रिया कों ब्लैक लिस्टेड किया जा सकता है लेकिन इस मामले में बिना टेंडर प्रकिया का पालन किए बिना सफाई का कार्य दिया गया और ठेकेदार द्रारा नबालिक से कार्य कराया जा रहा था ऐसे में ना तो जिम्मेदार ठेकेदार का लाइसेंस और ना ही ठेकेदार कों ब्लैक लिस्टेड किया जा सकता ऐसे में क्या स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ एफ आई आर की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा या अन्य मामले की तरह ठढ़े बस्ते में डाल दिया जाएगा

जिम्मेदारों की चुप्पी

इन आरोपों के बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे पर जांच की मांग उठाई है।

अधिकारियों पर भी सवाल

पूर्व जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। उनका कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच हो, तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

जांच की मांग तेज

मामले के सामने आने के बाद शहर में चर्चा का माहौल है और लोगों ने प्रशासन से पारदर्शी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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