बिना लाइसेंस दवा रखने और बेचने वालों पर सख्ती, प्रदेशभर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई

मेडिकल स्टोर, गोदाम और सप्लाई ठिकानों की जांच; बिलासपुर में 36 प्रकार की दवाएं जब्त, जशपुर में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित

रायपुर, 10 अगस्त 2026। प्रदेश में बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण और बिक्री करने वालों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की अलग-अलग टीमें मेडिकल स्टोर, दवा गोदाम और दवाओं की सप्लाई से जुड़े ठिकानों की जांच कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान दवा बिक्री का लाइसेंस, बिल, स्टॉक, खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड और डॉक्टर की पर्ची समेत आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

अभियान के दौरान अलग-अलग जिलों में नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। जहां अनियमितताएं मिली हैं, वहां नोटिस, दवा जब्ती, लाइसेंस निलंबन सहित नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

बिलासपुर में 36 प्रकार की दवाएं जब्त

बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र के ग्राम खमरिया में बिना लाइसेंस दवाएं रखे जाने की सूचना पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की। जांच के दौरान मौके से 36 प्रकार की दवाएं मिलीं, जिन्हें विभाग ने जब्त कर लिया।

जब्त दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि दवाएं कहां से खरीदी गई थीं और उनके भंडारण एवं बिक्री से संबंधित आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

जशपुर में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 15 दिन निलंबित

जशपुर में शिकायत के आधार पर मां भगवती मेडिकल स्टोर की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान मरीजों का इलाज करने, इंजेक्शन लगाने या स्लाइन चढ़ाने जैसी गतिविधियां सामने नहीं आईं। हालांकि, दवा बिक्री और संबंधित नियमों के पालन में अनियमितताएं पाई गईं।

विभाग ने संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच के बाद मेडिकल स्टोर का दवा बिक्री लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया।

कोरबा में पुलिस के साथ संयुक्त जांच

कोरबा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विशेष रूप से एंटीबायोटिक और प्रतिबंधित दवाओं के स्टॉक एवं खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई।

जहां नियमों में गड़बड़ी मिली, वहां संचालकों को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है।

सारंगढ़ में 6 मेडिकल स्टोर की जांच, 3 में मिली गड़बड़ी

सारंगढ़ क्षेत्र में विभाग ने 6 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। इस दौरान नशीली और दिमाग पर असर डालने वाली दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच की गई।

इनमें से 3 मेडिकल स्टोर में अनियमितताएं पाए जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए हैं कि डॉक्टर की वैध पर्ची और आवश्यक दस्तावेजों के बिना ऐसी दवाओं की बिक्री न की जाए। दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी कहा गया है।

धमतरी में केमिस्टों को नियमों की जानकारी

धमतरी में खाद्य एवं औषधि प्रशासन और केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से दवा दुकानदारों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग से होने वाले नुकसान तथा दवा बिक्री से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई।

दवा विक्रेताओं से नियमों का पालन करने और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सहयोग करने की अपील की गई।

राजनांदगांव में स्कूली बच्चों को नशे के खिलाफ किया जागरूक

राजनांदगांव के शासकीय स्कूल हडुवा में विद्यार्थियों को नशीली दवाओं और तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि नशे का शरीर और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

अभियान के दौरान कोटपा एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई भी की गई।

ऑनलाइन दवा सप्लाई पर भी विभाग की नजर

दवाओं की ऑनलाइन और कूरियर के माध्यम से होने वाली सप्लाई को लेकर भी विभाग ने निगरानी बढ़ाई है। बिलासपुर में अभियान के दौरान एक ई-कार्ट गोदाम की जांच की गई।

विभाग ने ऑनलाइन या कूरियर के जरिए दवाओं की सप्लाई करने वालों को दवाओं के बिल, स्रोत और ग्राहकों से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। ट्रांसपोर्ट और कूरियर कंपनियों के साथ बैठक कर यह भी कहा गया है कि आवश्यक दस्तावेजों के बिना दवाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक न पहुंचाया जाए।

दामाखेड़ा में पहले से निलंबित मेडिकल स्टोर बंद कराया

बलौदाबाजार जिले के दामाखेड़ा में पहले से निलंबित लाइसेंस वाले मेडिकल स्टोर को विभाग ने बंद कराया। वहां दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई। आसपास स्थित अन्य मेडिकल दुकानों की भी जांच की गई और दो दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए गए।

विभाग ने लोगों से की अपील

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों और दवा सप्लायरों को निर्देश दिए हैं कि बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण या बिक्री न करें। दवाएं केवल अधिकृत स्रोतों से खरीदी जाएं और प्रत्येक खरीद-बिक्री का बिल एवं रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।

नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री डॉक्टर की वैध पर्ची के बिना नहीं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे दवाएं केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही खरीदें। यदि कहीं बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री, प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार या नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को दें।

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