बिलासपुर पुलिस में हड़कंप: डीजल चोरों को छोड़ने पर बड़ा एक्शन, ASI निलंबित
बिलासपुर: बिलासपुर पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब डीजल चोरों को पकड़ने के बाद उन्हें कथित तौर पर ‘आजाद’ करने का मामला सामने आया। इस मामले में संलिप्त एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए सहायक उपनिरीक्षक (ASI) उमेश उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कोनी थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे पर खड़े भारी वाहनों (ट्रक और ट्रेलर) से डीजल चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को रंगे हाथों पकड़ा था। आरोप है कि पुलिस स्टेशन लाने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में 5 में से 3 आरोपियों—बैसाखू, राजेश और राजू—को बिना उचित कार्रवाई के ही थाने से छोड़ दिया गया।
वीडियो बना कार्रवाई का आधार
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें आरोपियों को छोड़े जाने के कथित सबूत दिखे। मामला एसएसपी रजनेश सिंह के संज्ञान में आते ही उन्होंने मामले की गंभीरता को समझा और इसकी तत्काल समीक्षा की। जांच में प्रथम दृष्टया एएसआई उमेश उपाध्याय को कर्तव्य में लापरवाही और संदिग्ध आचरण का दोषी पाया गया।

जांच के घेरे में अन्य पुलिसकर्मी भी?
एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की छवि खराब करने वाले ऐसे कृत्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। एएसआई के निलंबन के बाद अब इस पूरे प्रकरण की सघन जांच की जा रही है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में चोरों को छोड़ा गया और क्या इसमें किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भी भूमिका थी?
विभाग का रुख: एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और आगे भी यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उन पर भी कड़ी विभागीय कार्यवाही की जाएगी।



