
बिलासपुर में फर्जी मुआवजा दावा केस: 4 अधिवक्ताओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
बिलासपुर, 03 मई 2026: मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में चार अधिवक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) की अदालत ने गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दावा करने का आरोप
मामला थाना सिविल लाइन क्षेत्र का है, जहां आरोप है कि अधिवक्ताओं ने फर्जी शपथपत्र और दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा दावा प्रस्तुत किया। इस संबंध में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
ये अधिवक्ता हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपियों में एन.पी. चंद्रवंशी (62), भगवती कश्यप (50), शुभम चंद्रवंशी (32) और सूरज वस्त्रकार (29) शामिल हैं। सभी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जांच के दौरान मामले में बड़ा खुलासा हुआ, जब संबंधित महिला ने स्वयं अदालत में उपस्थित होकर स्पष्ट किया कि वह मृतक की पत्नी नहीं, बल्कि उसके भाई की पत्नी है। महिला ने यह भी बताया कि उसने किसी प्रकार का शपथपत्र नहीं दिया और न ही किसी अधिवक्ता को अधिकृत किया।
एक अन्य महिला ने भी दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर होने से इनकार किया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
अदालत ने दिए सख्त निर्देश
इस खुलासे के बाद न्यायालय ने थाना सिविल लाइन को आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि कानून की जानकारी होने के बावजूद अधिवक्ताओं द्वारा ऐसा कृत्य किया जाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
वहीं बचाव पक्ष ने दावा किया कि कार्य उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर किया गया था।
अदालत ने कहा—मामला गंभीर, राहत संभव नहीं
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं और आरोपियों को अग्रिम जमानत देने योग्य नहीं पाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की प्रकृति को देखते हुए किसी प्रकार की राहत नहीं दी जा सकती।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों का उपयोग, झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करना और न्यायिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद अब आरोपियों की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।


