बिलासपुर : सगरा तालाब की मेढ़ पर अतिक्रमण का आरोप, मूर्ति विसर्जन घाट तक पहुंचने का रास्ता प्रभावित होने की आशंका

बिलासपुर, 9 अक्टूबर 2026। नगर निगम बिलासपुर के सकरी जोन क्रमांक-1 के घुरू वार्ड क्रमांक-4 में सगरा तालाब की मेढ़ पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने एक नवनिर्मित मकान की बाउंड्रीवॉल से सार्वजनिक रास्ते के प्रभावित होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि इससे तालाब के घाट, धार्मिक स्थलों और पर्वों के दौरान होने वाले आयोजनों में परेशानी हो सकती है। मामले में नगर निगम की अतिक्रमण शाखा ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।

धार्मिक आयोजनों और मूर्ति विसर्जन के लिए महत्वपूर्ण है तालाब

सैयदा मेंड्रा रोड के पास स्थित सगरा तालाब की मेढ़ पर मंदिर, शिवालय और पूजा-पाठ के लिए चबूतरे बने हुए हैं। यहां रामनवमी और महाशिवरात्रि जैसे पर्वों पर धार्मिक आयोजन होते हैं। सुहागिन पूजा के लिए चौराहा चबूतरा भी स्थित है। तालाब में मूर्ति विसर्जन के लिए घाट बना हुआ है, जहां त्योहारों के दौरान लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले मेढ़ पर पर्याप्त खुली जगह थी और मूर्ति विसर्जन के लिए ट्रक, ट्रैक्टर व अन्य बड़े वाहन भी घाट तक पहुंच सकते थे। अब मेढ़ के किनारे निर्माण और बाउंड्रीवॉल बनने से सार्वजनिक रास्ते की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

राजस्व रिकॉर्ड से सीमांकन कराने की मांग

उपलब्ध कराए गए राजस्व विवरण के अनुसार, खसरा नंबर 472 का रकबा 7.0330 हेक्टेयर बताया गया है। वहीं, खसरा नंबर 461 में सगरा तालाब का रकबा 2.2050 हेक्टेयर और खसरा नंबर 462 में तालाब की मेढ़ का रकबा 0.8170 हेक्टेयर दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

हालांकि, इन खसरों की वास्तविक सीमाओं और मौके पर हुए निर्माण की स्थिति का आधिकारिक सत्यापन अभी जरूरी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बाउंड्रीवॉल निजी भूमि के भीतर बनाई गई है या सार्वजनिक उपयोग की भूमि प्रभावित हुई है।

प्लॉटिंग और निर्माण के बीच सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा पर सवाल

घुरू क्षेत्र में प्लॉटिंग और मकानों के निर्माण के बीच तालाब की मेढ़, सार्वजनिक रास्तों और सामुदायिक उपयोग की जमीन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण हुआ है, तो इससे न केवल आम लोगों के आवागमन पर असर पड़ेगा, बल्कि धार्मिक आयोजनों और मूर्ति विसर्जन के दौरान भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में निर्माण की वैधता और भूमि की सीमाओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नगर निगम ने जांच का दिया भरोसा

इस संबंध में सकरी जोन कार्यालय की अतिक्रमण शाखा के प्रभारी हितेश मक्कड़ से चर्चा की गई। उन्होंने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।

अब नगर निगम और राजस्व विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि संबंधित बाउंड्रीवॉल सार्वजनिक भूमि पर बनी है या निजी जमीन की सीमा के भीतर। यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

तालाब की मेढ़ और घाट की सुरक्षा जरूरी

सगरा तालाब की मेढ़ स्थानीय धार्मिक आयोजनों, मूर्ति विसर्जन और आम नागरिकों के आवागमन से जुड़ी है। ऐसे में संबंधित विभागों से अपेक्षा है कि वे सीमांकन कर स्थिति स्पष्ट करें और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

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