बुधवारी बायपास कांड में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी : एएसआई के पुत्र पर गाड़ी चढ़ाने वाले 2 आरोपी हिरासत में, कुख्यात गैंग कनेक्शन का अंदेशा
कोरबा के बुधवारी बायपास मार्ग पर सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पुत्र चंद्रमणि उर्फ दादू रात्रे की मौत के मामले में पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम में जानलेवा हमला करने और गाड़ी चढ़ाने वाले दो शातिर आरोपियों को पुलिस ने अपनी कस्टडी (हिरासत) में ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के तार शहर के एक कुख्यात आपराधिक गैंग से जुड़े होने की आशंका ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए दोनों संदिग्धों से बेहद गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
साजिश के तहत एएसआई के बेटे को बनाया निशाना, गाड़ी चढ़ाने का आरोप
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने बेहद बेखौफ होकर और सुनियोजित साजिश के तहत एएसआई के इकलौते पुत्र चंद्रमणि रात्रे को निशाना बनाया था। वारदात की रात आरोपियों ने उन पर तेज रफ्तार गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की थी, जिसका सीधा उद्देश्य उन्हें जान से मारना या गंभीर रूप से अक्षम करना था। इस जानलेवा हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। चूंकि मामला सीधे तौर पर पुलिस परिवार से जुड़ा हुआ था और घायल युवक की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई, इसलिए जिला पुलिस प्रशासन ने इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में लेते हुए अलग-अलग विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की घेराबंदी शुरू की थी।
हिरासत में लिए गए आरोपी सिर्फ ‘मोहरे’, मुख्य सरगना की तलाश जारी
पुलिस की त्वरित सायबर ट्रैकिंग और जमीनी घेराबंदी के चलते दोनों आरोपियों को २४ घंटे के भीतर दबोच लिया गया। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि पकड़े गए ये दोनों आरोपी इस पूरे खूनी खेल के केवल ‘मोहरे’ (शूटर्स/ड्राइवर) हो सकते हैं। शुरुआती दौर की पूछताछ में ऐसे चौंकाने वाले संकेत मिले हैं कि इस हमले की पूरी स्क्रिप्ट और साजिश शहर के एक सक्रिय और कुख्यात आपराधिक गैंग द्वारा लिखी गई थी। पुलिस को अंदेशा है कि इसके पीछे कोयलांचल या स्थानीय क्षेत्र की कोई पुरानी गहरी रंजिश या कोई बड़ा आर्थिक-आपराधिक हित छुपा हो सकता है।
गुप्त स्थान पर हो रही है पूछताछ, जल्द होगा बड़ा पर्दाफाश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के नामों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया है। उन्हें किसी अज्ञात व सुरक्षित स्थान पर रखकर वरिष्ठ अधिकारियों और सायबर सेल की टीम द्वारा संयुक्त रूप से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि इन दोनों से कड़ियां जोड़कर जल्द ही इस पूरे हत्याकांड के पीछे छिपे असली चेहरों और गैंग के मुख्य सरगनाओं को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस घटना के बाद से जहां एक ओर आम जनता में दहशत है, वहीं दूसरी ओर अपराधियों के खिलाफ पुलिस के इस कड़े रुख पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।



