रायगढ़ में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 37.45 क्विंटल बीज की बिक्री पर रोक
रायगढ़। खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिले में बीज विक्रय केंद्रों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान बीज नियंत्रण आदेश-1983 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने 37.45 क्विंटल बीज के विक्रय, वितरण और परिवहन पर रोक लगा दी है।
उप संचालक कृषि अनिल वर्मा ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में 18 बीज विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान खरसिया स्थित जय बालाजी एजेंसी, समलेश्वरी बीज भंडार पटेलपाली, बालाजी बीज भंडार पटेलपाली, मुकेश बीज भंडार धरमजयगढ़, श्री श्याम कृषि केंद्र सिसरिंगा और सागर कृषि केंद्र पुसौर सहित कई प्रतिष्ठानों में बीजों के वैध स्रोत प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं पाए गए।
कई प्रतिष्ठानों पर बिक्री पर रोक
खरसिया स्थित जय बालाजी एजेंसी में अंकुर सीड और मनसा सीड के स्रोत प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अंकुर सोनम और मनसा विराट धान बीज के स्टॉक की बिक्री, वितरण और परिवहन पर रोक लगा दी गई।
इसी तरह रायगढ़ विकासखंड के समलेश्वरी बीज भंडार, बालाजी बीज भंडार, मुकेश बीज भंडार और श्री श्याम कृषि केंद्र में पान सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीजों के स्रोत प्रमाण पत्र नहीं मिलने पर सात दिनों के लिए बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई। वहीं पुसौर स्थित सागर कृषि केंद्र में धान की किस्म आईआर-64 के स्रोत प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण उसके विक्रय पर भी रोक लगा दी गई।
9 केंद्रों को नोटिस, 107 नमूने जांच के लिए भेजे
निरीक्षण के दौरान मासिक प्रतिवेदन और अन्य आवश्यक अभिलेखों का संधारण नहीं पाए जाने पर कृषि विभाग ने 9 बीज विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विभाग ने अब तक 107 बीज नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य स्तरीय बीज गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भेजे हैं। इनमें 84 नमूने सहकारी क्षेत्र और 23 नमूने निजी क्षेत्र से लिए गए हैं।
किसानों से अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदने की अपील
कृषि विभाग ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध हैं। किसानों से केवल सेवा सहकारी समितियों और अधिकृत बीज विक्रेताओं से ही बीज खरीदने तथा खरीद के समय पक्का बिल लेने की अपील की गई है, ताकि गुणवत्ता संबंधी शिकायतों का समय पर समाधान किया जा सके।



