भाजपा बताए, किस बात का आपातकाल मना रही है? वर्तमान के सवालों का जवाब दे सरकार : वसीम खान
रायगढ़। जिला कांग्रेस महामंत्री वसीम खान ने भाजपा द्वारा आपातकाल दिवस मनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को इतिहास की बजाय वर्तमान के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है, वह आम जनता के लिए किसी अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति का एहसास कराती हैं।
रोजगार और पेपर लीक का मुद्दा उठाया
वसीम खान ने कहा कि शिक्षित युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक, भर्ती में देरी और कथित अनियमितताओं से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों सरकारी पद खाली होने के बावजूद नियमित भर्ती नहीं की जा रही है।
महंगाई और किसानों की स्थिति पर सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि महंगाई के कारण आम लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को बढ़ती लागत और उपज के उचित मूल्य नहीं मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
निजीकरण और आदिवासी अधिकारों पर टिप्पणी
वसीम खान ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक उपक्रमों और राष्ट्रीय संपत्तियों के निजीकरण को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े मामलों में आदिवासी समुदायों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी गंभीर चिंताएं हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लिए गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं तक पहुंच कठिन होती जा रही है। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा।
भाजपा से पूछे कई सवाल
वसीम खान ने भाजपा से सवाल किया कि युवाओं को रोजगार कब मिलेगा, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक कब रुकेगा, सरकारी रिक्त पद कब भरे जाएंगे, महंगाई से राहत कब मिलेगी, किसानों की आय बढ़ाने का वादा कब पूरा होगा, छोटे व्यापारियों को राहत कब मिलेगी तथा जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता के मुद्दों पर संघर्ष करती रहेगी। उनके अनुसार, जनता अब इतिहास नहीं बल्कि वर्तमान की समस्याओं का समाधान चाहती है।



