मादा नीलगाय शिकार मामले में तीन आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण, वन विभाग ने किया गिरफ्तार

महासमुंद, 8 मई 2026: महासमुंद जिले में मादा नीलगाय के अवैध शिकार मामले में तीन आरोपियों ने वन विभाग के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। वन विभाग ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में पूछताछ शुरू कर दी है।

यह मामला वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत पूर्व पिथौरा परिसर के सुखीपाली क्षेत्र का है, जहां 4 मई 2026 को शांतिनगर (सुखीपाली) के पास एक मादा नीलगाय के अवैध शिकार का मामला सामने आया था।


तीनों आरोपियों ने वन कार्यालय पहुंचकर किया सरेंडर

वन विभाग के अनुसार 7 मई को मुख्य आरोपी ईश्वर राणा, टंकधर और विद्याधर ने वन परिक्षेत्र कार्यालय पिथौरा पहुंचकर आत्मसमर्पण किया। तीनों आरोपी ग्राम शांतिनगर सुखीपाली के निवासी बताए गए हैं।

आत्मसमर्पण के बाद वन विभाग ने विधिवत कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उनसे घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।


वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

वन विभाग ने बताया कि मामले में भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

वन विभाग के अनुसार इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है।


वन विभाग की टीम ने की कार्रवाई

यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी मयंक पाण्डेय के निर्देश और संयुक्त वनमंडलाधिकारी डिम्पी बैस के मार्गदर्शन में की गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने पूरे मामले में कार्रवाई की।

कार्रवाई में वनपाल ललित कुमार पटेल, वनरक्षक कोकिलकांत दिनकर, पुष्पा नेताम, विरेन्द्र बंजारे, प्रभा ठाकुर सहित अन्य वन कर्मचारियों और सुरक्षा श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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