रायगढ़ : इस्कॉन के जन्माष्टमी महामहोत्सव में उमड़ा भक्ति का सैलाब, 10 हजार श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद

बाल महोत्सव, कृष्णलीला का मंचन और हरिनाम संकीर्तन रहा आकर्षण का केंद्र

रायगढ़, 7 सितंबर 2026। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से रायगढ़ का माहौल रविवार को सराबोर रहा। इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ के तीन दिवसीय जन्माष्टमी महामहोत्सव के अंतिम दिन होटल अंश के सभागार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और प्रसादम ग्रहण किया।

बाल महोत्सव से लेकर कृष्णलीला के म्यूजिकल मंचन, हरिनाम संकीर्तन और भगवान के महाभिषेक तक विभिन्न कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को जोड़े रखा।

कृष्ण-राधा के रूप में सजे बच्चों ने मोहा मन

महोत्सव की शुरुआत बच्चों के लिए आयोजित बाल महोत्सव से हुई। नन्हे प्रतिभागी भगवान श्रीकृष्ण, राधा और अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप में सजकर पहुंचे।

बच्चों ने भक्ति गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में शामिल बच्चों को उनकी प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित भी किया गया।

संगीत और नृत्य के जरिए मंच पर साकार हुई कृष्णलीला

कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं पर आधारित म्यूजिकल नाट्य प्रस्तुति पेश की गई। संवाद, संगीत और नृत्य के माध्यम से कृष्ण की लीलाओं को मंच पर प्रस्तुत किया गया।

इसके अलावा 4 और 5 सितंबर को इस्कॉन प्रचार केंद्र में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।

‘हरे कृष्ण, हरे राम’ के संकीर्तन में झूमे श्रद्धालु

महोत्सव का प्रमुख आकर्षण हरिनाम संकीर्तन रहा। जैसे ही भजन-कीर्तन शुरू हुआ, सभागार में मौजूद बच्चे, युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु संकीर्तन में शामिल हो गए।

‘हरे कृष्ण, हरे राम’ के महामंत्र के बीच श्रद्धालुओं ने नृत्य करते हुए अपनी भक्ति व्यक्त की। आयोजकों के अनुसार, सामूहिक संकीर्तन ने पूरे कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक माहौल दिया।

इस्कॉन रायपुर के मुख्य पुजारी एवं रायगढ़ प्रचार केंद्र के प्रभारी मिथिलापति प्रभु ने कहा कि रायगढ़ में इस्कॉन का यह चौथा जन्माष्टमी आयोजन है। उनके मुताबिक, लगातार बढ़ती सहभागिता भगवान श्रीकृष्ण के प्रति लोगों की आस्था और रुचि को दर्शाती है।

51 प्रकार के द्रव्यों से हुआ श्रीकृष्ण का महाभिषेक

महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण को पालकी में विराजमान कर अभिषेक स्थल तक लाया गया। भक्तों ने संकीर्तन करते हुए पालकी यात्रा में सहभागिता की।

इसके बाद 51 प्रकार के द्रव्यों से महाभिषेक किया गया। महाभिषेक के बाद पुष्पाभिषेक हुआ। फूलों के बीच श्रद्धालुओं ने संकीर्तन और नृत्य किया। जयकारों और भक्ति संगीत के बीच महाआरती के साथ कार्यक्रम का विशेष चरण संपन्न हुआ।

कई शहरों से पहुंचे इस्कॉन के भक्त

आयोजन में रायगढ़ के अलावा राजनांदगांव, खैरागढ़, रायपुर, भिलाई और भुवनेश्वर से भी इस्कॉन से जुड़े भक्त एवं दीक्षित भक्त पहुंचे। बाहर से आए भक्तों ने आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में सेवा देने के साथ भजन और संकीर्तन में भी भाग लिया।

तीन दिनों तक चले कार्यक्रम में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के जरिए श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके संदेश को श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया।

रायगढ़ में प्रस्तावित इस्कॉन मंदिर का डिजाइन लॉन्च

महामहोत्सव के दौरान रायगढ़ में प्रस्तावित इस्कॉन मंदिर परिसर का डिजाइन भी सार्वजनिक किया गया। संस्था की ओर से मंदिर के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश की जा रही है।

प्रस्तावित परिसर के लिए करीब ढाई एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। योजना के अनुसार परिसर में मुख्य मंदिर के साथ गोविंदा रेस्टोरेंट, गौशाला, गेस्ट हाउस, पार्किंग और बड़ा लॉन विकसित करने का प्रस्ताव है।

जमीन का चयन होने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे पहले भी इस्कॉन की ओर से रायगढ़ में बड़े आध्यात्मिक केंद्र की योजना की जानकारी दी गई थी।

तीन महीने से चल रही थी तैयारियां

आयोजकों के अनुसार, जन्माष्टमी महामहोत्सव की तैयारियां करीब तीन महीने पहले शुरू कर दी गई थीं। आयोजन के संचालन और अलग-अलग व्यवस्थाओं में इस्कॉन के कई सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने जिम्मेदारियां संभालीं।

ओवरऑल मैनेजमेंट में मिथिलापति प्रभुजी और मधुद्विष प्रभुजी की भूमिका रही। मंच संचालन, पूजा-अभिषेक, प्रसाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तक-पंजीयन, अतिथि स्वागत और बैठक व्यवस्था के लिए अलग-अलग टीमों ने सेवाएं दीं।

आयोजकों ने श्रद्धालुओं और सहयोग करने वाले लोगों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता से तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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