रायगढ़ निगम के जलकर घोटाले पर जिला कांग्रेस आक्रामक : प्रेस वार्ता कर खोला मोर्चा, 42% मकानों के टैक्स डेटा में बड़ी गड़बड़ी का आरोप
विशेष संवाददाता | रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
रायगढ़ नगर पालिका निगम क्षेत्र में गरीब, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों से अवैध रूप से अधिक जलकर (Water Tax) वसूलने तथा ऑनलाइन टैक्स प्रणाली में व्यापक पैमाने पर धांधली का मामला गरमा गया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने जिला कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। प्रेसवार्ता के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
1. जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित
जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का आर्थिक शोषण कर रहा है। पूर्व सभापति व पार्षद जयंत ठेठवार सहित जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त रूप से मीडिया को बताया कि किस तरह नियमों को ताक पर रखकर जनता से 3 गुना अधिक जलकर वसूला जा रहा है। प्रेसवार्ता के पश्चात सभी नेताओं ने एक साथ जाकर निगम आयुक्त को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
2. मुख्य विवाद: ₹60 की जगह वसूला जा रहा ₹200 प्रति माह
नेताओं ने छत्तीसगढ़ शासन के 12 फरवरी 2011 के राजपत्र का हवाला देते हुए बताया कि आवासीय मकानों के जलकर निर्धारण के दो स्पष्ट नियम हैं:
- प्रथम श्रेणी: जो आवासीय मकान संपत्ति कर (Property Tax) के दायरे में नहीं आते और केवल समेकित कर (₹300) जमा करते हैं, उनसे ₹60 प्रति माह (₹720 वार्षिक) जलकर लिया जाना चाहिए।
- द्वितीय श्रेणी: जो मकान संपत्ति कर के दायरे में आते हैं, उनसे ₹200 प्रति माह (₹2,400 वार्षिक) जलकर लिया जाता है।
निगम प्रशासन बिना पात्रता जांचे गरीब परिवारों और EWS मकानों से भी ₹60 की जगह ₹200 प्रति माह की दर से जबरन जलकर वसूल रहा है।
3. निगम परिषद के 2018 के प्रस्ताव का उल्लंघन
रायगढ़ नगर निगम परिषद की बैठक (दिनांक 13.03.2018, प्रस्ताव क्र. 02) में शहर के सभी EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) मकानों को संपत्ति कर से मुक्त करने का सर्वसम्मत संकल्प पारित किया गया था। इसके बावजूद निगम के 48 वार्डों की जांच में पाया गया कि कई गरीब परिवारों और EWS आवासों को नियमविरुद्ध तरीके से भारी-भरकम जलकर के दायरे में धकेल दिया गया है।
4. प्रभावित क्षेत्रों और मकानों का विवरण
दस्तावेज़ और जांच के अनुसार शहर के विभिन्न वार्डों में कुल 860 मकान (83 छोटे मकान और 777 EWS आवास) इससे सीधे प्रभावित पाए गए हैं:
- वार्ड नं. 08 (वंदे अली फातमी नगर): 40 मकान
- वार्ड नं. 09 (षड़ंगी कालोनी): 32 मकान
- वार्ड नं. 25 (लोचन नगर): 49 मकान
- वार्ड नं. 25 (चिरंजीव दास नगर): 29 मकान
- वार्ड नं. 27 (छोटे अतरमुड़ा): 199 मकान
- वार्ड नं. 35 (परमहंस कालोनी): 40 मकान
- वार्ड नं. 01 (अटल आवास फ्लैट): 112 मकान
- वार्ड नं. 24 (के.आई.टी.आई. के पास): 276 मकान
(शहर के अन्य 24 वार्डों के 83 छोटे मकानों को मिलाकर कुल प्रभावित मकानों की संख्या 860 है।)
5. 42% मकानों का टैक्स डेटा ‘रिक्त’, भविष्य में वसूली की साजिश का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने खुलासा किया कि रायगढ़ के सभी 48 वार्डों में ऑनलाइन सिस्टम में कुल 11,005 मकान दर्ज हैं। इनमें से:
- 83 छोटे मकान,
- 777 EWS मकान, और
- 3,005 अन्य मकान ऐसे हैं जिनका जलकर दर्ज ही नहीं किया गया है और कॉलम ‘रिक्त’ रखा गया है।
यह संख्या दर्ज कुल मकानों का लगभग 42% (कुल 3,865 मकान) बैठती है। कांग्रेस का आरोप है कि डेटा को जानबूझकर रिक्त रखा गया है ताकि भविष्य में इन सभी परिवारों पर भी ₹200 प्रति माह का भारी जलकर लादा जा सके।
6. निगम प्रशासन को 10 दिनों का अल्टीमेटम और आंदोलन की चेतावनी
संयुक्त प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से निगम आयुक्त से प्रमुख मांगें की गई हैं:
- 860 प्रभावित मकानों का जलकर तत्काल प्रभाव से ₹200 से घटाकर ₹60 प्रति माह किया जाए।
- जिन 3,005 मकानों का जलकर डेटा ऑनलाइन सिस्टम में रिक्त छोड़ा गया है, वहां नियमानुसार ₹60 दर्ज किया जाए।
- गरीब परिवारों से अब तक वसूली गई अतिरिक्त राशि को भविष्य के टैक्स में समायोजित (Adjust) किया जाए।


