रायगढ़ पुलिस को मिले 105 स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल, तकनीक आधारित विवेचना को मिलेगी नई गति
नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विवेचकों को उपलब्ध कराए गए स्मार्ट मोबाइल (MDT)
रायगढ़, 11 जुलाई। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी और तकनीक आधारित क्रियान्वयन की दिशा में रायगढ़ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जिले के विवेचकों को उपलब्ध कराए गए 105 स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल (एमडीटी) का वितरण शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने जिले के थाना प्रभारियों को स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल वितरित करते हुए कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) लागू होने के बाद विवेचना प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल के माध्यम से घटनास्थल से डिजिटल साक्ष्य संकलन, फोटो एवं वीडियो दस्तावेजीकरण, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, केस अपडेट और त्वरित सूचना आदान-प्रदान जैसे कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे।
एसएसपी ने कहा कि अब विवेचक घटनास्थल पर ही आवश्यक डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर सकेंगे, जिससे अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ेगी और न्यायालय में अभियोजन पक्ष अधिक मजबूत होगा। इससे विवेचना की पारदर्शिता, गति और विश्वसनीयता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को निर्देशित किया कि स्मार्ट मोबाइल डेटा टर्मिनल का उपयोग केवल शासकीय कार्यों के लिए किया जाए तथा तकनीक आधारित अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण विवेचना को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विवेचक का उद्देश्य समयबद्ध और वैज्ञानिक जांच के माध्यम से पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना होना चाहिए।
इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी मुख्यालय सुशांतो बनर्जी, आरआई अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि “नवीन कानूनों के अनुरूप तकनीक आधारित, वैज्ञानिक और समयबद्ध विवेचना ही आधुनिक पुलिसिंग की पहचान है। प्रत्येक विवेचक तकनीक का अधिकतम उपयोग कर पीड़ितों को त्वरित एवं प्रभावी न्याय दिलाना सुनिश्चित करें।”



